छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। NEET की तैयारी कर रहे एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र मानसिक दबाव में था और पढ़ाई को लेकर तनाव झेल रहा था।
परिजनों के मुताबिक, छात्र हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को लेकर अत्यधिक चिंतित था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
घटना का विवरण
परिवार के अनुसार, छात्र अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। कुछ समय बाद दरवाजा न खुलने पर परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर छात्र को फंदे से लटका पाया गया।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मामले की जांच जारी है और परिजनों व परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पढ़ाई का दबाव और मानसिक स्वास्थ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा National Eligibility cum Entrance Test (NEET), की तैयारी लंबे समय तक उच्च मानसिक दबाव पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
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लगातार प्रतिस्पर्धा और अपेक्षाएं तनाव बढ़ाती हैं
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असफलता का भय आत्मविश्वास को प्रभावित करता है
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सामाजिक तुलना से मानसिक दबाव बढ़ता है
ऐसे मामलों में समय पर परामर्श (Counseling) और पारिवारिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
पुलिस की कार्रवाई
Chhattisgarh Police ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी अफवाह से बचें और संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
विशेषज्ञों की सलाह
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
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अभिभावक बच्चों पर अत्यधिक दबाव न डालें
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पढ़ाई के साथ नियमित विश्राम और शारीरिक गतिविधि जरूरी
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जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक या काउंसलर से संपर्क करें
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बच्चों के व्यवहार में बदलाव दिखे तो तुरंत संवाद स्थापित करें
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान मानसिक संतुलन और भावनात्मक समर्थन कितना आवश्यक है।