रायपुर |
राजधानी रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के एक माह पूरे हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 15,836 आपराधिक वारदातें दर्ज की गईं। शहर और देहात क्षेत्रों में अपराध की प्रकृति अलग-अलग रुझान दिखा रही है।
अपराध का वर्गीकरण (शहर बनाम देहात)
-
शहरी क्षेत्र:
-
देहात क्षेत्र:
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरेट सिस्टम के तहत त्वरित निर्णय, बेहतर निगरानी और अपराध नियंत्रण के लिए विशेष टीमें सक्रिय की गई हैं। हालांकि, आंकड़ों ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर बहस भी तेज कर दी है।
57 करोड़ की मल्टीलेवल पार्किंग पर सवाल
शहर में ट्रैफिक और पार्किंग समस्या के समाधान के लिए लगभग 57 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई मल्टीलेवल पार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नागरिक संगठनों ने मांग की है कि परियोजना की समीक्षा की जाए और वास्तविक उपयोग डेटा सार्वजनिक किया जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस और नगर प्रशासन का कहना है कि अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक रणनीति लागू की जा रही है। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है।
आने वाले महीनों में कमिश्नरेट सिस्टम की प्रभावशीलता का वास्तविक मूल्यांकन आंकड़ों और जमीनी सुधारों के आधार पर होगा।