रायपुर।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राजधानी रायपुर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम रायपुर ने एक नई पहल की शुरुआत की है।
रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर के साथ मिलकर “स्वच्छता के चार धुरंधर” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
यह पहल नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य शहर में कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना और नागरिकों को चार डिब्बा प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

चार श्रेणियों में कचरा पृथक्करण
अभियान के तहत घर-घर कचरे को निम्न चार श्रेणियों में अलग करने पर जोर दिया जाएगा—
- 🟢 गीला कचरा: सब्जियों के छिलके, बचे हुए खाद्य पदार्थ
- 🔵 सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज, धातु आदि
- 🔴 सैनिटरी कचरा: डायपर, सेनेटरी पैड
- ⚫ विशेष देखभाल कचरा: घरेलू खतरनाक अपशिष्ट, पेंट/केमिकल के डिब्बे, कीटनाशक, एक्सपायर्ड दवाइयां
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि गीला और सूखा कचरा नियमित रूप से उत्पन्न होता है, जबकि सैनिटरी और विशेष श्रेणी का कचरा कम मात्रा में निकलता है। ऐसे कचरे को कभी भी गीले और सूखे कचरे में मिलाकर नहीं डालना चाहिए।
महापौर का संदेश
इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा—
“स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक कचरे के पृथक्करण को अपनी दैनिक आदत बनाएगा। ‘स्वच्छता के चार धुरंधर’ पहल रायपुर को स्वच्छ बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।”
जागरूकता और व्यवस्था मजबूत होगी
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलोनियों और बाजारों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को भी चार डिब्बा प्रणाली के अनुसार सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित हो सके।
नागरिकों से अपील
नगर पालिक निगम रायपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यदि किसी क्षेत्र में कचरा संग्रहण वाहन समय पर नहीं आता है, तो हेल्पलाइन नंबर 1100 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती ह
“चार डिब्बे अपनाएं – रायपुर को स्वच्छ बनाएं”