रायपुर: विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़, निवेश के लिए हैं असीम संभावनाएं – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

नवा रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में छत्तीसगढ़ अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। नवा रायपुर में आयोजित ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की विकास यात्रा, औद्योगिक नीतियों और पर्यटन की असीम सम्भावनाओं पर विस्तार से बात की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, उच्च गुणवत्ता वाले खनिजों, सरप्लस बिजली और कुशल कार्यबल (स्किल्ड वर्क force) से समृद्ध है। राज्य सरकार ने ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिस पर मिशन मोड में काम जारी है।

छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और औद्योगिक प्रगति के मुख्य बिंदु:

  • स्टील उत्पादन का केंद्र: देश का 20 प्रतिशत स्टील छत्तीसगढ़ में बनता है। चिनाब नदी पर बना देश का सबसे ऊंचा रेल पुल भी छत्तीसगढ़ के फौलादी स्टील से निर्मित है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक स्टील उत्पादन का लक्ष्य 45 मिलियन टन रखा है।

  • एनर्जी हब: देश का 20% कोयला उत्पादित करने वाला छत्तीसगढ़ वर्तमान में 30 हजार मेगावाट बिजली बना रहा है। हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में आए 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर कार्य जारी है, जिससे जल्द ही 60 हजार मेगावाट उत्पादन का लक्ष्य हासिल होगा।

  • आकर्षक नई औद्योगिक नीति: नई नीति के तहत पूंजी निवेश, ब्याज, नई तकनीक और स्टाम्प ड्यूटी में छूट व सब्सिडी दी जा रही है। विशेषकर आईटी, पावर, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य को अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

  • लॉजिस्टिक्स के लिए अनुकूल स्थान: 3500 किमी से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों और तेज़ी से बढ़ते रेल नेटवर्क के कारण छत्तीसगढ़ मध्य भारत में आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।

बस्तर: माओवाद से मुक्ति और पर्यटन का नया युग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘नक्सल मुक्त भारत’ का सपना साकार हो रहा है। दशकों तक हिंसा झेलने वाला बस्तर अब इको-टूरिज्म के नए डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।

  • बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

  • पर्यटन के विस्तार से होटल, होम-स्टे, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय वनोपज व्यापार को नया बाजार मिलेगा, जिससे युवाओं व महिलाओं को सीधे रोजगार मिलेगा।

  • मुख्यमंत्री ने मीडिया से अपील की कि वे बस्तर की सकारात्मक कहानियों और वास्तविक खूबसूरती को देश-दुनिया तक पहुँचाएँ।