तीसरी तिमाही GDP ग्रोथ 7.8% 50% टैरिफ के बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूत
नई दिल्ली।
देश की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 7.8% की दर से वृद्धि दर्ज की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों और 50% तक के टैरिफ दबाव के बावजूद आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है।
प्रमुख कारक
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उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन में तेजी
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सेवा क्षेत्र का स्थिर विस्तार
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घरेलू मांग में सुधार
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बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सरकारी निवेश
विश्लेषकों का मानना है कि उच्च टैरिफ के बावजूद घरेलू उपभोग और निर्यात के कुछ क्षेत्रों में लचीलापन देखने को मिला है।
टैरिफ का प्रभाव
50% टैरिफ से आयात-निर्यात लागत पर दबाव पड़ा है, लेकिन सरकार द्वारा आपूर्ति श्रृंखला में सुधार और वैकल्पिक बाजारों की तलाश ने प्रभाव को संतुलित किया है। कुछ सेक्टरों में लागत बढ़ोतरी देखी गई, हालांकि समग्र आर्थिक वृद्धि पर इसका असर सीमित रहा।
आगे की चुनौतियां
विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई दर, वैश्विक मंदी की आशंकाएं और भू-राजनीतिक परिस्थितियां आने वाली तिमाहियों में वृद्धि की गति को प्रभावित कर सकती हैं।
फिलहाल तीसरी तिमाही के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था ने बाहरी दबावों के बीच भी मजबूती दिखाई है। आने वाले महीनों में नीतिगत निर्णय और वैश्विक परिदृश्य पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
