प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलिंपिक की सराहना, इसे नई क्रांति का प्रतीक बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में बस्तर ओलिंपिक की प्रशंसा की और इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बदलाव की नई क्रांति का प्रतीक बताया। उन्होंने इस आयोजन की सफलता और इससे जुड़े खिलाड़ियों के संघर्ष की कहानियां साझा करते हुए इसे अन्य राज्यों में भी शुरू करने की अपील की।
बस्तर ओलिंपिक: संघर्ष से सफलता तक का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर ओलिंपिक जैसे आयोजन ने माओवादी हिंसा से प्रभावित क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। 7 जिलों के 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया, जो केवल एक आंकड़ा नहीं है बल्कि युवाओं के संकल्प और उनके संघर्ष की कहानी है।
प्रेरणादायक कहानियां
मोदी ने कारी कश्यप का उदाहरण देते हुए कहा कि तीरंदाजी में रजत पदक जीतने वाली कारी ने छोटे से गांव से निकलकर अपने संघर्ष और मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने कहा, “कारी कहती हैं कि बस्तर ओलिंपिक ने हमें सिर्फ खेल का मैदान ही नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया।”
उन्होंने सुकमा के दोरनापाल के पुनेम सन्ना की भी प्रशंसा की, जो पहले नक्सली प्रभाव में थे और अब व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सुकमा की पायल कवासी और कोडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी का भी जिक्र किया। पायल ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता है, जबकि रंजू को “बस्तर यूथ आइकन” चुना गया।
सरेंडर नक्सलियों ने भी दिखाया साहस
बस्तर ओलिंपिक की खास बात यह रही कि इसमें 318 सरेंडर नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 18 खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। यह बदलाव का प्रतीक है, जहां बंदूक की आवाज के बजाय खेलों का शोर गूंज रहा है।
मुख्यमंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रोत्साहन पर आभार जताते हुए कहा, “बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है। यहां के लोग अब हंसते-खेलते नजर आते हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर की प्रगति और खुशहाली के लिए संकल्पित है।
डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलिंपिक का प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेख होना बस्तर और छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों और प्रदेशवासियों का मनोबल बढ़ेगा।
नया भारत, नई उम्मीदें
प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलिंपिक को नए भारत का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल क्षेत्रीय विकास में योगदान करते हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की छवि को भी उज्ज्वल करते हैं।
