विधानसभा सत्र से पहले “लाठी लेकर आने” के बयान पर गरमाई सियासत, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने जताई आपत्ति
रायपुर, 25 जून 2025:- छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई 2025 से शुरू होने जा रहा है, लेकिन सत्र शुरू होने से पहले ही सदन की गरिमा और मर्यादा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
डॉ. महंत ने कहा—
“इस बार सब लोग लाठी लेकर विधानसभा जाएंगे।”
हालांकि उन्होंने यह बात हंसते हुए और शायद मजाक में कही, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक हलकों में कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बयान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की हालिया “आक्रामक होने” की सलाह के जवाब में व्यंग्यात्मक अंदाज़ में दिया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की प्रतिक्रिया:
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस बयान को लेकर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा—
“महंत जी को शायद ज़्यादा डोज़ मिल गया है। वो दो दिन बाद खुद ही भूल जाएंगे कि उन्होंने क्या कहा था। विधानसभा की एक मर्यादा होती है और इसका सम्मान हर सदस्य को करना चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि—
“महंत खुद विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं, उन्हें बताने की ज़रूरत नहीं कि स्पीकर क्या आदेश देता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा देश में अनुशासन और गरिमा के लिए जानी जाती है।”
कांग्रेस की बैठक में शुरू हुई थी चर्चा:
सूत्रों के अनुसार, यह मामला कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक से शुरू हुआ था, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंत से कहा था कि उन्हें और अधिक मुखर और आक्रामक भूमिका निभानी चाहिए। माना जा रहा है कि महंत का “लाठी” वाला बयान इसी के प्रतिक्रिया स्वरूप हास्य-व्यंग्य में दिया गया था।
सत्र से पहले माहौल गरम
इस बयानबाजी के बाद सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक तापमान बढ़ चुका है। सभी निगाहें अब मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि सदन में इस बयान का कितना असर दिखाई देता है।
