DGP-IG कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी की मौजूदगी: महिला सुरक्षा, आतंकवाद नियंत्रण और ‘विजन 2047’ पर राष्ट्रीय रणनीति तैयार
रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय DGP-IG कॉन्फ़्रेंस का पहला दिन कई अहम निर्णयों और चर्चाओं का गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजीत डोभाल, शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और देशभर के DGP-IG स्तर के लगभग 500 से अधिक अधिकारी इस महत्वपूर्ण मंच पर मौजूद रहे। इस बैठक में महिला सुरक्षा, आतंकवाद नियंत्रण, नक्सलवाद उन्मूलन, साइबर सुरक्षा, और विजन 2047 जैसे केंद्रीय विषयों पर विस्तृत मंथन हुआ।
यह कॉन्फ्रेंस पिछले कुछ वर्षों से भारत की आंतरिक सुरक्षा रणनीति का केंद्र बनी है, और इस बार इसका आयोजन रायपुर में होना राज्य के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिए सुरक्षा को लेकर 3 बड़े निर्देश
कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा को लेकर तीन महत्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए:
1. महिला सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तेजी से बदलते सामाजिक-डिजिटल माहौल को देखते हुए महिला सुरक्षा को पुलिस तंत्र की शीर्ष प्राथमिकताओं में रखना होगा। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि:
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फास्ट-ट्रैक जांच और ट्रायल को बढ़ावा दिया जाए
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महिला हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाए
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हर राज्य में संवेदनशील जिलों की विशेष निगरानी हो
2. आतंकवाद और नक्सलवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति
मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब आतंकवाद को लेकर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा।
उन्होंने कहा:
“भारत का नया संकल्प—आतंकवाद और उग्रवाद का पूर्ण अंत।”
इस संदर्भ में बस्तर मॉडल, आंध्र-छत्तीसगढ़ समन्वय, ड्रोन-निगरानी, और इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन को उदाहरण के रूप में सराहा गया।
3. ‘विजन 2047’—अगले 20 वर्षों की सुरक्षा रणनीति तैयार
भारत की आने वाली पीढ़ी के लिए एक दीर्घकालिक सुरक्षा रोडमैप बनाने पर जोर दिया गया।
इसमें शामिल है:
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साइबर वॉरफेयर की तैयारी
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ड्रोन और AI आधारित मॉनिटरिंग
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पुलिस आधुनिकीकरण
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सीमा सुरक्षा में तकनीकी सुधार
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आंतरिक सुरक्षा तंत्र को डिजिटल-फर्स्ट बनाना
बस्तर मॉडल बना राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र
DGP अरुण देव द्वारा प्रस्तुत ‘बस्तर 2.0 मॉडल’ इस कॉन्फ्रेंस का सबसे चर्चित विषय रहा।
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि:
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स्थानीय युवाओं को सुरक्षा तंत्र से जोड़ने
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गांव-स्तरीय इंटेलिजेंस नेटवर्क
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सड़कों, मोबाइल नेटवर्क और विकास कार्यों के विस्तार
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ड्रोन सर्विलांस और तकनीकी आधार
के चलते छत्तीसगढ़ ने कई जिलों में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण प्राप्त किया है।
PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे देश के अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों में लागू करने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा पर विशेष सत्र – राज्यों को कड़े निर्देश
IG-DGP कॉन्फ़्रेंस में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी:
1. हर राज्य में ‘महिला सुरक्षा सेल’ को और मजबूत करना
साइबर बुलिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, स्टॉकिंग और सोशल मीडिया अपराधों में तेज कार्रवाई पर जोर दिया गया।
2. महिला बीट-पुलिसिंग को बढ़ावा
संवेदनशील इलाकों में महिला पुलिस की तैनाती बढ़ाने पर सहमति बनी।
3. स्कूल-कॉलेजों में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया कि छात्राओं के लिए सुरक्षा-संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य किए जाएं।
आतंकवाद और उग्रवाद—इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस शेयरिंग पर जोर
बैठक में बताया गया कि आतंकवाद की आधुनिक रणनीतियों से निपटने के लिए राज्यों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करना जरूरी है।
इस पर निम्न प्रस्ताव आगे बढ़ाए गए:
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एक पैन-इंडिया इंटेलिजेंस-शेयरिंग प्लेटफॉर्म
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सीमा राज्यों के लिए विशेष निगरानी कार्यक्रम
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कट्टरपंथी एजेंडों पर डिजिटल मॉनिटरिंग
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सोशल मीडिया आधारित भ्रामक सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई
500 से अधिक अधिकारियों की भागीदारी – 6 बड़े सत्र आयोजित
कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए DG-IG स्तर के अधिकारियों ने अपने राज्यों का क्राइम पैटर्न, सालाना प्रगति, चुनौतियाँ, और भविष्य की रणनीतियाँ प्रस्तुत कीं।
मुख्य सत्र शामिल थे:
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आंतरिक सुरक्षा – वर्तमान स्थिति और भविष्य की तैयारी
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आधुनिक साइबर अपराध और डिजिटल वॉरफेयर
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महिला और बच्चों के खिलाफ अपराध
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नक्सलवाद उन्मूलन की रणनीति
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सीमा सुरक्षा और ड्रोन खतरे
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विजन 2047—आधुनिक भारत की सुरक्षा संरचना
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा – ‘देश का सुरक्षा ढांचा पहले से ज्यादा मजबूत’
शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दशक में:
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आतंकवादी घटनाओं में भारी कमी
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नक्सली असर वाले जिलों में गिरावट
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संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
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सीमा सुरक्षा में सुधार
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क्राइम इन्वेस्टिगेशन में आधुनिक तकनीक
जैसे क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने राज्यों को सलाह दी कि पुलिस की भर्ती, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी को समयानुसार आधुनिक बनाना होगा।
कॉन्फ्रेंस में चर्चित 5 प्रमुख मुद्दे
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AI आधारित क्राइम प्रेडिक्शन सिस्टम
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ड्रोन व UAV के बढ़ते खतरें
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बस्तर और आंध्र मॉडल का विस्तार
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महिला सुरक्षा को लेकर एक समान राष्ट्रीय नीति
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युवा उग्रवाद रोकने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
रायपुर में 72 घंटे हाई अलर्ट—तीन लेयर सुरक्षा व्यवस्था
कॉन्फ्रेंस के दौरान रायपुर और नवा रायपुर में तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया गया।
पुलिस, CRPF, NSG और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संयुक्त मोर्चा संभाला।
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शहर के मुख्य मार्गों पर चेकिंग
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VIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन
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होटल, एयरपोर्ट और कॉन्फ्रेंस स्थल पर कड़ी निगरानी
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ड्रोन निगरानी बढ़ाई गई
क्यों महत्वपूर्ण है यह कॉन्फ्रेंस?
यह कॉन्फ्रेंस सिर्फ सालाना बैठक नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा का उच्च-स्तरीय रोडमैप तैयार करने का मंच है।
इसके माध्यम से:
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राज्यों के बीच समन्वय मजबूत होता है
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नई चुनौतियों की पहचान होती है
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सामूहिक रणनीति बनती है
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तकनीक और नवाचार को अपनाया जाता है
यह कॉन्फ्रेंस आने वाले वर्षों के लिए सुरक्षा ढांचे को दिशा देती है।
निष्कर्ष
रायपुर में आयोजित DGP-IG कॉन्फ्रेंस भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी, महिला सुरक्षा पर नए निर्देश, आतंकवाद पर सख्त नीति, और ‘विजन 2047’ की रणनीति इस बात का संकेत है कि देश अब टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, प्रिवेंटिव और स्ट्रॉन्ग सिक्योरिटी फ्रेमवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
रायपुर में हुई यह बैठक न सिर्फ प्रदेश, बल्कि देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा माइलस्टोन मानी जा रही है।
