परीक्षा पे चर्चा 2026: प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा-तनाव, फोकस और स्वदेशी अपनाने पर दिए सुझाव

नई दिल्ली — परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से संवाद करते हुए परीक्षा से जुड़े तनाव, एकाग्रता और जीवन में संतुलन बनाए रखने पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानना चाहिए।

🧠 परीक्षा-तनाव पर क्या बोले

प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि डर और दबाव को खुद पर हावी न होने दें। उन्होंने कहा कि तुलना की प्रवृत्ति तनाव बढ़ाती है, इसलिए हर छात्र को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए। नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच को उन्होंने सफलता की कुंजी बताया।

🎯 फोकस और तैयारी पर जोर

कार्यक्रम में फोकस बनाए रखने पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट होने पर भटकाव कम होता है। उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग की सलाह दी और पढ़ाई के समय छोटे-छोटे ब्रेक लेने को उपयोगी बताया।

🇮🇳 स्वदेशी अपनाने का संदेश

प्रधानमंत्री ने छात्रों से स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय नवाचारों को अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” केवल आर्थिक आंदोलन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की सोच है, जिसे युवा पीढ़ी आगे बढ़ा सकती है।

👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका

प्रधानमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। उनके अनुसार, सहयोगी वातावरण ही छात्रों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को मजबूत करता है।