इस्लामाबाद/काबुल।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा क्षेत्र में जारी तनाव ने हिंसक रूप ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हालिया झड़पों और हमलों में करीब 300 लोगों की मौत और 500 से अधिक के घायल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर दोनों देशों की ओर से आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सीमा पर बढ़ा तनाव
सूत्रों के मुताबिक विवादित सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी और तोपखाने के इस्तेमाल की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
पाकिस्तान का आरोप
पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि हालिया आतंकी हमलों के पीछे भारत का हाथ है। इस्लामाबाद का कहना है कि क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए बाहरी ताकतें सक्रिय हैं। हालांकि भारत की ओर से इन आरोपों का आधिकारिक खंडन किया गया है और उन्हें निराधार बताया गया है।
अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया
अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सीमा पर हुई घटनाएं सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया का हिस्सा थीं। उन्होंने तनाव कम करने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया चर्चा में
अमेरिका ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है। वाशिंगटन ने क्षेत्रीय स्थिरता को महत्वपूर्ण बताते हुए हिंसा रोकने पर जोर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि दक्षिण एशिया और मध्य एशिया में शांति बनाए रखना वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी हालात पर नजर रखने की बात कही है।
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है। स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आगे की घटनाओं पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।