नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2025
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घोषणा की है कि इस वर्ष का दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह वापस लौट चुका है, जिससे देशभर में वर्षा ऋतु का औपचारिक समापन हो गया है। IMD के अनुसार, 2025 का मानसून सीजन सामान्य रहा, जिसमें देशभर में औसत के करीब वर्षा दर्ज की गई।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, इस बार देश में कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत के करीब 99% रही, जिसे “सामान्य मानसून” की श्रेणी में रखा गया है। इस वर्ष उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बेहतर बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीप में कुछ हिस्सों में वर्षा थोड़ी कम रही। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मानसून का असर धान, मक्का, सोयाबीन और गन्ना जैसी खरीफ फसलों पर सकारात्मक रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की वापसी की प्रक्रिया 24 सितंबर से राजस्थान से शुरू हुई और अब देश के दक्षिणी भागों तक पूरी तरह समाप्त हो गई है। इस दौरान देश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जो सामान्य मौसमी प्रवृत्ति का हिस्सा है।
IMD के महानिदेशक ने बताया कि इस साल का मानसून अपेक्षाकृत स्थिर और संतुलित रहा। देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जिससे जलाशय भरने और कृषि उत्पादन में मदद मिलेगी।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, देश के प्रमुख जलाशयों में सामान्य से बेहतर जलभराव है, जो आने वाले रबी सीजन के लिए सिंचाई और जल उपलब्धता के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।
इस साल का सामान्य मानसून भारत की कृषि अर्थव्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहतभरा साबित हुआ है। IMD की घोषणा के साथ ही अब देश में शरद ऋतु और रबी फसलों की तैयारी का दौर शुरू हो गया है।