मोबाइल फोरेंसिक वैन पर सवाल: ₹21 करोड़ खर्च के बाद भी जिलों में नहीं पहुंचीं
रायपुर।
मोबाइल फोरेंसिक वैन की खरीद को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सरकार ने करीब ₹21 करोड़ खर्च कर 35 मोबाइल फोरेंसिक वैन खरीदीं, लेकिन ये वैन अब तक जिलों में तैनात नहीं की गई हैं।
जानकारी के अनुसार, इन वैन का उद्देश्य साइबर और डिजिटल मामलों की जांच को तेज करना था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वैन के उपयोग में देरी के कारण जांच प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जहां पहले फोरेंसिक रिपोर्ट 3 दिन में तैयार हो जाती थी, वहीं अब इसमें 4 हफ्ते तक का समय लग रहा है। इससे कई मामलों की जांच में देरी हो रही है।
इस पूरे मामले ने फंड के उपयोग और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संबंधित विभाग की ओर से फिलहाल इस देरी पर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
मामले को लेकर जवाबदेही तय करने और व्यवस्था सुधारने की मांग तेज हो रही है।
