शायद हम भाग ही जाते”: G20 की मेजबानी पर राष्ट्रपति रामाफोसा का PM मोदी से मजाकिया अंदाज में बयान
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के दौरान G20 की मेजबानी को लेकर हल्का-फुल्का मजाक किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत की तरह इतनी बड़ी और जटिल तैयारियाँ उन्हें करनी पड़तीं, तो “शायद हम भाग ही जाते।”
उनकी यह टिप्पणी दोस्ताना अंदाज में की गई, जिसने बैठक के माहौल को और सहज बना दिया।
भारत की सफल मेजबानी की सराहना
रामाफोसा ने भारत द्वारा पिछले वर्ष आयोजित G20 शिखर सम्मेलन की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल आयोजन को शानदार ढंग से संपन्न किया, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर नेतृत्व भी प्रदर्शित किया।
उनके अनुसार, भारत का व्यवस्थापन, सुरक्षा, समन्वय और लॉजिस्टिक प्लानिंग इतने उच्च स्तर के थे कि किसी भी देश के लिए यह एक बड़ा मानक बन गया है।
मजाक में छिपी वास्तविक चुनौती
राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा कि G20 जैसे आयोजन की तैयारी में
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बड़े पैमाने पर वित्तीय निवेश,
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कूटनीतिक समन्वय,
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सुरक्षा प्रबंधन,
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और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की आवभगत
जैसी कई जटिल चुनौतियाँ शामिल होती हैं।
इसी संदर्भ में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यदि यह सब जिम्मेदारी उन पर आती, तो वे शायद पीछे हट जाते।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ गर्मजोशी भरी बातचीत
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और ग्लोबल साउथ की भूमिका पर भी चर्चा की। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
कूटनीतिक हलकों में चर्चा
रामाफोसा का यह हल्का-फुल्का बयान अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।
