LPG खपत में गिरावट, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी — रेस्टोरेंट्स ने बढ़ाए दाम

देश में ईंधन खपत के ताजा आंकड़ों ने उपभोग के बदलते रुझानों की स्पष्ट तस्वीर पेश की है। मार्च के पहले सप्ताह में LPG (रसोई गैस) की खपत में 17% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पेट्रोल की बिक्री 13% और डीजल की 8% बढ़ी है। इसी बीच, लागत बढ़ने के दबाव में 57% रेस्टोरेंट्स ने अपने दाम बढ़ा दिए हैं

LPG खपत क्यों घटी?

विशेषज्ञों के अनुसार LPG की खपत में गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • घरेलू खर्च में कटौती और वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग

  • कमर्शियल सिलेंडर की ऊंची कीमतें

  • होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर में लागत नियंत्रण की कोशिश

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती मांग

दूसरी ओर, परिवहन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी के चलते पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ी है:

  • यात्रा और कम्यूट में बढ़ोतरी

  • औद्योगिक गतिविधियों में सुधार

  • माल ढुलाई में तेजी

रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर असर

ईंधन लागत बढ़ने का सीधा असर फूड इंडस्ट्री पर पड़ा है:

  • 57% रेस्टोरेंट्स ने मेन्यू कीमतों में बढ़ोतरी की

  • गैस और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने से ऑपरेशन महंगे

  • ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ

आम जनता पर क्या असर

  • घरों का बजट प्रभावित, खासकर मध्यम वर्ग पर दबाव

  • बाहर खाने की लागत में वृद्धि

  • परिवहन खर्च में भी बढ़ोतरी की संभावना

निष्कर्ष

ईंधन खपत के ये आंकड़े संकेत देते हैं कि देश में उपभोग का पैटर्न बदल रहा है। जहां एक ओर घरेलू गैस का उपयोग कम हो रहा है, वहीं परिवहन आधारित ईंधनों की मांग बढ़ रही है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है।