लोकसभा में तीखी टकराहट: अमित शाह बनाम राहुल गांधी
SIR प्रक्रिया और “वोट चोरी” आरोपों पर गरमाई बहस
लोकसभा के सत्र में आज गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। चुनावी सुधारों की SIR प्रक्रिया (Special Identification & Registration) और कथित “वोट चोरी” के आरोपों पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर सीधे प्रहार किए, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया का उपयोग “मतदाता सूची में मनमाने बदलाव” और “वोट चोरी” के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में मतदाताओं के नाम बिना उचित कारण हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर ‘‘चुनावी निष्पक्षता कमजोर की जा रही है।’’
अमित शाह का जवाब
गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को “झूठ, भ्रम और राजनीतिक मिथक” बताया। शाह ने कहा कि SIR प्रक्रिया को चुनावी पारदर्शिता और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक व्यक्ति–एक वोट सिद्धांत को मजबूत कर रही है, और कोई भी व्यक्ति या दल ‘‘वोट चोरी’’ जैसे बेबुनियाद आरोप लगाकर संस्थाओं को बदनाम नहीं कर सकता।
सदन में हंगामा
दोनों नेताओं के बयान के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष ने नारेबाजी की, जबकि सत्तापक्ष ने राहुल गांधी से आरोपों का प्रमाण मांगने की बात कही। स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
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विपक्ष का कहना है कि सरकार SIR प्रक्रिया की आड़ में चुनावी हस्तक्षेप कर रही है।
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सत्तापक्ष का दावा है कि विपक्ष चुनावी सुधारों का विरोध सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए कर रहा है।
आगे क्या
चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया पर विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग तेज हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला आगामी चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
