Kharmas : सनातन धर्म में खरमास का संबंध भगवान सूर्य से माना गया है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, सूर्य देव के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने के दौरान खरमास की शुरुआत होती है। ज्योतिष के मुताबिक, धनु और मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। ज्योतिष गणनाओं के मुताबिक, खरमास साल में दो बार लगता है। इस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं होते हैं।
जानें कब से कब तक रहेगा खरमास
हिंदू पंचांग के मुताबिक, 14 मार्च को सूर्य देव दोपहर 12.36 बजे कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस पल से ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद जब 13 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे, तब खरमास समाप्त होगा।
इस दौरान न करें ये काम
खरमास की अवधि को शुभ समय नहीं किए जाते हैं। इस दौरान शादी, विवाह करना वर्जित होता है। साथ ही संपत्ति खरीदना, घर खरीदना और नया कारोबार शुरू करना शुभ नहीं होता है। इसके अलावा गृह प्रवेश करना या नया वाहन भी नहीं खरीदना चाहिए। खरमास में खुद को शांत रखना चाहिए और तामसिक भोजन करने बचना चाहिए।