ISRO का PSLV-C62 मिशन असफल, तीसरी स्टेज में तकनीकी गड़बड़ी; 16 सैटेलाइट कक्षा में नहीं पहुंच सके
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो को एक झटका लगा है। संगठन का PSLV-C62 रॉकेट मिशन तकनीकी कारणों से अपने निर्धारित उद्देश्य को पूरा नहीं कर सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रॉकेट की तीसरी स्टेज में गड़बड़ी आने के कारण मिशन असफल हो गया।
यह रॉकेट कुल 16 उपग्रह (सैटेलाइट) लेकर अंतरिक्ष में भेजा गया था, जिन्हें तय कक्षा में स्थापित किया जाना था। हालांकि, तीसरे चरण के दौरान अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिलने के कारण उपग्रहों को निर्धारित ऑर्बिट में इंजेक्ट नहीं किया जा सका।
🚀 क्या रही गड़बड़ी?
इसरो के अनुसार—
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लॉन्च के शुरुआती दो चरण सामान्य रहे
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तीसरी स्टेज में प्रेशर या थ्रस्ट से जुड़ी समस्या सामने आई
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इसके चलते मिशन का अंतिम लक्ष्य अधूरा रह गया
इसरो ने कहा है कि डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि तकनीकी खामी के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
🛰️ मिशन का उद्देश्य
PSLV-C62 मिशन के जरिए भेजे गए ये 16 सैटेलाइट विभिन्न तकनीकी, अनुसंधान और अनुप्रयोगात्मक उद्देश्यों के लिए थे। इनमें संचार, पृथ्वी अवलोकन और प्रयोगात्मक पेलोड शामिल बताए जा रहे हैं।
🏛️ इसरो का बयान
इसरो ने अपने संक्षिप्त बयान में कहा कि—
“PSLV एक भरोसेमंद प्रक्षेपण यान रहा है। इस मिशन में आई तकनीकी समस्या की समीक्षा की जा रही है और भविष्य के अभियानों में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।”
⚖️ क्यों अहम है यह घटना?
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PSLV को इसरो का सबसे विश्वसनीय लॉन्च व्हीकल माना जाता है
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ऐसे मिशन भारत की वैश्विक स्पेस विश्वसनीयता से जुड़े होते हैं
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असफलता के बावजूद, इससे मिलने वाला तकनीकी डेटा भविष्य के मिशनों को मजबूत करता है
PSLV-C62 मिशन की असफलता इसरो के लिए एक तकनीकी चुनौती जरूर है, लेकिन संगठन के इतिहास को देखते हुए इसे सीख और सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसरो की विस्तृत रिपोर्ट से मिशन फेल होने के कारणों पर और स्पष्टता आएगी।
