ईरान का इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइल अटैक, बीर्शेबा शहर में धमाका; अमेरिका ने जताई परमाणु युद्ध की आशंका
तेल अवीव/तेहरान – ईरान ने शुक्रवार सुबह इजराइल के बीर्शेबा शहर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया।
टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, मिसाइल माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के नजदीक गिरी, जिससे कई कारों में आग लग गई और आस-पास के घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में 6 लोग घायल हुए हैं।
यह लगातार दूसरा दिन है जब बीर्शेबा मिसाइल हमलों की चपेट में आया है। गुरुवार को भी बीर्शेबा के एक अस्पताल को निशाना बनाया गया था, जिसमें 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

अमेरिका को परमाणु खतरे की आशंका
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का मानना है कि ईरान अब परमाणु बम बनाने की पूरी क्षमता रखता है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को कहा,
“अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई आदेश दे दें, तो ईरान कुछ ही हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता है।”
लेविट के अनुसार, ईरान के पास जरूरी तकनीक, यूरेनियम और डिलीवरी सिस्टम मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान परमाणु बम बनाता है, तो यह सिर्फ इजराइल नहीं, अमेरिका और पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होगा।


अब तक 7 दिन की लड़ाई में इजराइल में 24 मौतें, ईरान में 657 लोगों की जान गई
7 दिन से जारी इस संघर्ष में इजराइल के 24 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 600 से ज्यादा लोग घायल हैं।
वहीं, वॉशिंगटन स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, ईरान में अब तक 657 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,037 लोग घायल हैं।
मरने वालों में 263 आम नागरिक और 164 सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं।

ईरानी विदेश मंत्री का बयान – जब तक हमले जारी रहेंगे, कोई बातचीत नहीं
जेनेवा में परमाणु मुद्दे पर होने वाली बातचीत से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा:
“जब तक इजराइल हमले बंद नहीं करता, हम किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।”
अराकची जेनेवा में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों से मिलने पहुंचे हैं। बैठक में ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी, फ्रांस के मंत्री जीन-नोएल बैरोट, जर्मनी के जोहान वेडफुल, और EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास मौजूद रहेंगे।
यूरोपीय देश इस बातचीत के जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बने तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।
