ईरान-इजराइल युद्ध: इजराइल की विपक्षी नेता शेली ताल मेरोन ने कहा – ‘हमारे बीच राजनीति अलग है, देश पहले है’

रायपुर/यरुशलम, 26 जून 2025:- ईरान-इजराइल युद्ध और हालिया सीजफायर को लेकर इजराइल की विपक्षी पार्टी येश अतीद की सांसद शेली ताल मेरोन ने दैनिक भास्कर को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पूरा इजराइल ईरान के खिलाफ एकजुट है, और इस समय देश सर्वोपरि है।

“राजनीति बाद में, देश पहले”

“मैं विपक्ष की नेता हूं। हमारे सरकार से मतभेद हैं, लेकिन ईरान जैसे खतरे के सामने हम सभी एक हैं।”

शेली मेरोन ने कहा कि सीजफायर का निर्णय सही और रणनीतिक रूप से समय पर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल ने अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब भी सतर्क है, क्योंकि ईरान जैसे देश पर भरोसा नहीं किया जा सकता।


प्रमुख बिंदु जो इंटरव्यू में सामने आए:

1. ईरान से लड़ाई जरूरी थी

“ईरान इजराइल के अस्तित्व के लिए खतरा है। उनके पास बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और वो परमाणु हथियार भी बनाना चाहते हैं।”

2. भारत से सराहना

“भारत इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था। भारत के लोग हमारे साथ खड़े रहे, इसके लिए आभार।”

3. डोनाल्ड ट्रम्प की तारीफ

“ट्रम्प ने साहस दिखाया और अमेरिकी सेना के जरिए ईरानी ठिकानों पर हमला कर हमारी मदद की।”

4. गाजा की लड़ाई को बताया ‘जख्म’

“गाजा में फंसे हमारे 50 बंधकों को छुड़ाना हमारी प्राथमिकता है। ये युद्ध हमारे लिए भावनात्मक घाव है।”

5. लोकतंत्र में विपक्ष को दी गई जानकारी

“ईरान पर हमले से पहले हमें कॉल किया गया और पूरी जानकारी दी गई। हमने सरकार का समर्थन किया।”


भारत को लेकर भावनात्मक जुड़ाव

शेली मेरोन ने बताया कि वे भारत में रह चुकी हैं और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल के संबंध मजबूत होने चाहिए और सहयोग बढ़ना चाहिए।


युद्ध का अंत और चुनाव की बात

उन्होंने कहा कि अभी भी गाजा में युद्ध चल रहा है और बंधकों की वापसी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। चुनाव को लेकर उन्होंने कहा—

“स्थिति स्थिर होते ही हम चुनाव की दिशा में बढ़ेंगे, लेकिन इस समय राष्ट्रहित सर्वोपरि है।”


निष्कर्ष:
शेली ताल मेरोन का यह इंटरव्यू स्पष्ट करता है कि संकट की घड़ी में इजराइल में विपक्ष और सरकार के बीच राष्ट्रवाद की एकता देखने को मिल रही है। इजराइली नेतृत्व युद्ध और शांति दोनों पर गंभीर और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना रहा है।

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