नशे का प्रचार करने वाले विज्ञापनों की होर्डिंग्स हटाने के निर्देश, नशे के खिलाफ सख्ती…
छत्तीसगढ़, 13 अगस्त 2022: देश के युवाओं को तंबाकू सेवन से बचाने के लिए 2003 में सदन में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद विज्ञापन पर रोक तथा व्यापार एवं वाणिज्य उत्पादों से संंबंधित अधिनियम कोटपा लागू किया गया है। यह एक राष्ट्रीय कानून है और देश के सभी राज्यों को इसका पालन करना है।
राज्य सरकार ने सिगरेट, तंबाकू, गुटखा जैसी नशे की सामग्रियों के विज्ञापनों पर रोक लगा दी है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को नशे का प्रचार करने वाले विज्ञापनों की होर्डिंग्स हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन संचालनालय द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 का कड़ाई से पालन करने तथा इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाने एवं कोटपा 2003 के प्रावधानों का पालन करने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का संचालन सभी जिलों में किया जा रहा है।
तंबाकू से होने वाली बीमारियों से हर साल 12 लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है, पान मसाला के विज्ञापन होर्डिंग्स, बस एवं अन्य स्थानों से हटाने के साथ ही तंबाकू से होने वाले दुष्परिणामो की जानकारी देने वाले विज्ञापन लगाए जाएं ताकि छग को तंबाकू मुक्त राज्य बनाया जा सके।
युवाओं को तंबाकू सेवन से बचाने के लिए 2003 में सदन में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद विज्ञापन पर रोक तथा व्यापार एवं वाणिज्य उत्पादों से संंबंधित अधिनियम कोटपा लागू किया गया है। यह एक राष्ट्रीय कानून है और देश के सभी राज्यों को इसका पालन करना है। तंबाकू से होने वाली बीमारियों से हर साल 12 लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है। इसी तरह एक सर्वेक्षण के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 39 प्रतिशत से ज्यादा लोग किसी न
सार्वजनिक स्थलों, सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यालय, शिक्षण, स्वास्थ्य संस्थानों, चौक-चौराहों पर सिगरेट पीते पाए जाने पर अर्थदंड लिया जाएगा।
