अमेरिकी अतिरिक्त टैरिफ खत्म; भारत के लिए बड़ा बाजार खुलने की राह

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ (Extra Tariffs) को समाप्त करने का फैसला किया है। इससे भारत के निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा आसान होने की उम्मीद है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, टैरिफ हटने से खासतौर पर स्टील, एल्युमिनियम, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स और फार्मा जैसे सेक्टर को सीधा लाभ मिल सकता है। इन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों को अब बेहतर कीमत और बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है।

व्यापार और निवेश पर क्या होगा असर?

  • भारतीय निर्यात की लागत घटेगी

  • अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी

  • द्विपक्षीय व्यापार में नई गति आने की उम्मीद

  • विदेशी निवेश और सप्लाई चेन सहयोग को बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील मेक इन इंडिया और निर्यात-आधारित विकास रणनीति को मजबूती दे सकती है।

 आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की दिशा

दोनों देशों के व्यापार प्रतिनिधियों ने इसे विन–विन समझौता बताया है। आने वाले चरण में डिजिटल ट्रेड, सर्विस सेक्टर और कृषि उत्पादों को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिकी अतिरिक्त टैरिफ हटने से भारत–अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई ऊर्जा मिल सकती है। यह समझौता न सिर्फ व्यापार संतुलन सुधारने में मदद करेगा, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए वैश्विक अवसर भी खोलेगा।