दिल्ली में India AI Impact Summit 2026 की शुरुआत
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय राजधानी में India AI Impact Summit 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के नीति-निर्माताओं, टेक उद्योग के प्रमुखों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वैश्विक प्रतिनिधियों और प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रमुखों का स्वागत किया और जिम्मेदार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास पर बल दिया।
उद्घाटन सत्र और वैश्विक भागीदारी
सम्मेलन में विभिन्न देशों के मंत्री, टेक कंपनियों के सीईओ, स्टार्टअप संस्थापक और शोधकर्ता शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य एआई तकनीक के जिम्मेदार उपयोग, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एआई को “समावेशी विकास” और “डिजिटल सशक्तिकरण” का माध्यम बनाना चाहता है। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका को भी रेखांकित किया।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
समिट में एआई के रोजगार पर प्रभाव को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया गया। विशेषज्ञों ने चर्चा की कि ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के बीच नए कौशलों की आवश्यकता बढ़ेगी।
- अपस्किलिंग और रिस्किलिंग कार्यक्रम
- एआई-आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहन
- शिक्षा पाठ्यक्रम में एआई मॉड्यूल शामिल करने की पहल
नीति-निर्माताओं का मत है कि एआई से पारंपरिक नौकरियों में बदलाव आएगा, लेकिन नई तकनीकी और विश्लेषणात्मक भूमिकाएं भी उत्पन्न होंगी।
डेटा सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस
डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। डिजिटल गवर्नेंस में एआई के उपयोग के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि:
- मजबूत डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क विकसित किया जाए।
- एआई एल्गोरिद्म की पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
- सरकारी सेवाओं में एआई का उपयोग नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण से किया जाए।
बाल संरक्षण और नैतिक एआई
समिट में बाल संरक्षण और ऑनलाइन सुरक्षा भी प्रमुख विषय रहे। एआई आधारित कंटेंट मॉडरेशन, डीपफेक की पहचान और साइबर बुलिंग की रोकथाम जैसे मुद्दों पर पैनल चर्चा हुई।
टेक कंपनियों ने सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष
India AI Impact Summit 2026 का उद्देश्य केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और नैतिक आयामों को भी संबोधित करना है। रोजगार, डेटा सुरक्षा, बाल संरक्षण और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों पर हुई चर्चाएं भारत की एआई नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
नई दिल्ली में शुरू हुआ यह समिट वैश्विक स्तर पर एआई सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
