हैदराबाद बनेगा क्वांटम-टेक्नोलॉजी हब, तेलंगाना ने 1,000 करोड़ फंड की घोषणा

हैदराबाद, 5 दिसंबर 2025 — तेलंगाना सरकार ने क्वांटम-टेक्नोलॉजी को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य ने 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्ट-अप फंड और एक समर्पित नीति ढांचा, “क्वांटम स्ट्रैटेजी”, लॉन्च किया है। उद्देश्य है कि हैदराबाद को विश्व-स्तरीय क्वांटम इनोवेशन हब में विकसित किया जाए।

उद्देश्य: पूरी मूल्य-श्रंखला बनाना

सरकार ने घोषणा की कि यह रणनीति केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं होगी, बल्कि एक पूरी क्वांटम वैल्यू-चेन तैयार करेगी:

  • अनुसंधान और विकास

  • स्टार्ट-अप और उद्यमिता

  • स्थानीय विनिर्माण

  • प्रतिभा प्रशिक्षण

  • उद्योग-शैक्षणिक सहयोग

टेक उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और वैश्विक भागीदारों को इसमें शामिल करने की योजना है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र

इस पहल के चार केंद्रीय क्षेत्र हैं:

  • क्वांटम कंप्यूटिंग

  • क्वांटम कम्युनिकेशन नेटवर्क

  • क्वांटम-आधारित साइबर सुरक्षा

  • उद्योग और विज्ञान में व्यावहारिक उपयोग

सरकार ने कहा कि क्वांटम टेक्नोलॉजी आने वाले दशक में सुरक्षा, डेटा, ऊर्जा, दवा-विकास और एआई पर गहरा असर डालेगी।

राष्ट्रीय मिशन के साथ तालमेल

यह रणनीति भारत की राष्ट्रीय दिशा के अनुरूप है। नीति-स्तर पर, लक्ष्य स्पष्ट घोषित किया गया है:
“भारत को वर्ष 2025 तक विश्व की शीर्ष-3 क्वांटम अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना।”

इस मिशन में NITI Aayog, विज्ञान विभाग, उद्योग और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं।

स्टार्ट-अप और निवेश को प्रोत्साहन

हैदराबाद पहले ही डिजिटल, एआई और साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नया फंड:

  • स्थानीय स्टार्ट-अप्स को पूंजी

  • अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

  • एक्सीलरेटर और इनक्यूबेशन

  • औद्योगिक परीक्षण लैब्स

के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि शुरुआती तीन वर्षों में सैकड़ों क्वांटम नौकरियां और कई वैश्विक सहयोग तैयार हों।

क्यों महत्वपूर्ण?

क्वांटम तकनीक आने वाले समय की:

  • एन्क्रिप्शन

  • कंप्यूटिंग क्षमता

  • डेटा सुरक्षा

  • नए टेक-बिजनेस मॉडल

को बदलने वाली है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एआई, रक्षा, स्वास्थ्य, वित्त क्षेत्रों में क्रांति ला सकती है।

निष्कर्ष

तेलंगाना की यह घोषणा भारत में उभरते क्वांटम उद्योग को मजबूत आधार देती है।
हैदराबाद को एक अग्रणी क्वांटम-सिटी बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है, जो शोध, उद्योग और स्टार्ट-अप्स के लिए नई संभावनाएँ खोल सकता है।