कैसे मनेगा इस बार बस्तर दशहरा,समिति पर एक करोड़ की उधारी…
जगदलपुर, 31जुलाई 2022: बस्तर दशहरा की विश्व स्तरीय पहचान है। इस ऐतिहासिक उत्सव को देखने के लिए देश- विदेश से लोग जगदलपुर पहुंचते हैं। टेंपल इस्टेट कमेटी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रति वर्ष दशहरा मनाने लगभग 80 लाख रुपये खर्च होते हैं।
इस वर्ष दशहरा उत्सव समिति को बड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। विगत 10 वर्षों से दशहरा मनाने धर्मस्व विभाग से पर्याप्त राशि नहीं मिलने से दशहरा समिति पर एक करोड़ रुपये की देनदारी हो गई है। सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।
वर्ष 2011 से वर्ष 2021 तक के ग्यारह दशहरा उत्सवों को निपटाने के लिए विभिन्ना व्यापारियों से टेंडर मंगवा कर उधारी में सामान प्राप्त किया गया था। इधर दशहरा निर्विघ्न संपन्ना हो, इसलिए दशहरा समिति ने टेंपल कमेटी के विभिन्ना मंदिरों की मरम्मत के लिए धर्मस्य विभाग से प्राप्त एक करोड़ 60 लाख रुपये को भी दशहरा में खर्च कर दिया है। बात यहीं पर खत्म नहीं होती।
वन विभाग प्रतिवर्ष लगभग दो सौ सत्तर पेड़ कटवा कर करीब 35 घनमीटर इमारती लकड़ी मुफ्त प्रदान करती है विशाल दशहरा रथ बनाने के लिए। बस्तर दशहरा पर प्रतिवर्ष बढ़ रहे खर्च के बावजूद संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग विगत दस वर्षों से बस्तर दशहरा के लिए प्रति वर्ष 25 लाख रुपये ही जारी कर रही है। वहीं एनएमडीसी के सीएसआर मद से भी आठ -दस लाख रुपये की मदद मिल रही है।
टेंपल इस्टेट कमेटी ने ज्योति कलश समिति खाते का 30 लाख रुपये भी दशहरा मनाने व्यय कर दिया है। इन सब के बाद भी व्यापारियों को बकाया राशि का भुगतान करना था, वह पूरा नहीं हो पाया है। इस सब के चलते दशहरा के लिए पूजन सामग्री से लेकर आदि सभी सामग्री की आपूर्ति करने वाले थोक व्यापारियों ने दशहरा उत्सव 2022 के लिए आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति करने से इन्कार कर दिया है। अब इस बार दशहरा कैसे मनाया जायेगा कुछ पता नहीं।
