GATE परीक्षा में नकल रैकेट का खुलासा: जूतों में ब्लूटूथ डिवाइस, 2 लाख की डील की जांच

रायपुर।

प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा GATE (Graduate Aptitude Test in Engineering) से जुड़ा एक कथित नकल रैकेट उजागर हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जूतों के अंदर ब्लूटूथ डिवाइस छिपाकर परीक्षा में नकल कराने की साजिश रची थी। मामले में हरियाणा से भेजे गए एक कथित “सॉल्वर” के रायपुर में सक्रिय होने की भी जानकारी मिली है।

जूतों में छिपाया गया ब्लूटूथ डिवाइस

जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच को चकमा देने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए जूतों का इस्तेमाल किया गया। इन जूतों के भीतर माइक्रो-ब्लूटूथ डिवाइस और रिसीवर फिट किए गए थे, जिनके जरिए बाहर बैठे व्यक्ति से संपर्क साधा जा सकता था।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि परीक्षार्थी को सवाल बाहर भेजे जाते थे और वहां से उत्तर वापस ऑडियो सिग्नल के माध्यम से दिए जाते थे। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

हरियाणा से भेजा गया सॉल्वर

मामले में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से हरियाणा से एक सॉल्वर को रायपुर भेजा गया था। सॉल्वर वह व्यक्ति होता है जो परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर तैयार कर अभ्यर्थी को उपलब्ध कराता है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क केवल एक परीक्षा केंद्र तक सीमित था या व्यापक स्तर पर संगठित रूप से संचालित किया जा रहा था।

2 लाख रुपये में सौदे की जानकारी

सूत्रों के अनुसार, इस नकल व्यवस्था के लिए लगभग 2 लाख रुपये में डील तय की गई थी। रकम किस माध्यम से ट्रांसफर की गई, इसकी भी जांच की जा रही है। बैंक लेन-देन, डिजिटल भुगतान और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

यदि आर्थिक लेन-देन के ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो आरोपियों पर धोखाधड़ी और आईटी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।

डिजिटल और तकनीकी जांच

जब्त किए गए उपकरणों की फोरेंसिक जांच में निम्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है:

  • ब्लूटूथ कनेक्टिविटी लॉग
  • कॉल और मैसेजिंग रिकॉर्ड
  • संभावित नेटवर्क सहयोगियों की पहचान
  • डिवाइस की खरीद और आपूर्ति श्रृंखला

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तकनीकी नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर उन्नत स्कैनिंग और सिग्नल जैमिंग तकनीक की आवश्यकता है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है और संभावित सहयोगियों की तलाश की जा रही है। परीक्षा आयोजन एजेंसियों से भी जानकारी साझा की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।

निष्कर्ष

GATE जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में नकल रैकेट का खुलासा शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। तकनीकी माध्यमों से की जा रही इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे संभव हैं।