रायपुर में राहगीरों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश

2 आरोपी गिरफ्तार, 13 मोबाइल और बाइक जब्त; महिलाएँ ही थीं इनका आसान टारगेट**

रायपुर शहर में पिछले कुछ महीनों से मोबाइल झपटमारी की वारदातें लगातार बढ़ रही थीं। खासकर बाजार, भीड़भाड़ वाले चौराहों और महिलाओं के अकेले गुजरने वाले मार्गों पर ऐसी घटनाओं में अचानक वृद्धि देखी गई। शहर की पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बन गया था क्योंकि अधिकांश घटनाओं में आरोपी कुछ ही सेकंड में मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे और उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा था। अब पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सुनियोजित तरीके से राहगीरों—विशेषकर महिलाओं—को निशाना बनाते थे।

गिरफ्तार हुए दो युवक, मोबाइल-चोरी में लंबे समय से सक्रिय थे

रायपुर पुलिस ने सूचना के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ के बाद 13 चोरी किए गए मोबाइल फोन और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से ऐसी वारदातों में शामिल थे और ज्यादातर रात तथा शाम के समय सुनसान या कम भीड़ वाले क्षेत्रों को टारगेट करते थे।

मोबाइल झपटने का तरीका बेहद तेज और प्रोफेशनल

जांच में सामने आया कि आरोपी वारदातें बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देते थे:

  • बाइक की स्पीड 40–60 के बीच रखते थे

  • टारगेट को कुछ सेकंड तक फॉलो करते थे

  • जैसे ही राहगीर का ध्यान भटकता, मोबाइल छीना जाता

  • भीड़ में जाते ही दिशा बदलते और गली-नुक्कड़ से निकल जाते

  • अधिकतर फोन तुरंत बंद कर दिए जाते ताकि ट्रैक न हो सके

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने शहर के कई इलाकों में मोबाइल झपटमारी की घटनाओं की बात स्वीकार कर ली है।

महिलाएँ इनका सबसे बड़ा टारगेट — क्यों?

पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि गिरोह खासतौर पर महिलाओं को ही लक्षित करता था। इसके पीछे कारण थे:

1) महिलाएँ मोबाइल कॉल पर अधिक समय तक रहती थीं

राह पर चलते हुए फोन हाथ में रहने से झपटना आसान हो जाता था।

2) अचानक घटना पर महिलाओं की प्रतिक्रिया समय अधिक होता है

अचानक छीने जाने पर महिला आमतौर पर घबरा जाती है, जिससे आरोपी आसानी से फरार हो जाते थे।

3) महिलाएँ पीछे भागकर पीछा करने में सक्षम नहीं होतीं

यही मनोविज्ञान का फायदा उठाकर गिरोह खुलकर काम करता था।

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने सबसे अधिक घटनाएँ ऐसे स्थानों पर कीं जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है—जैसे बाजार, कॉलेज रोड, बस स्टैंड के आसपास और मॉर्निंग वॉक के मार्ग।

बरामद हुए 13 मोबाइल—अधिकांश महंगे ब्रांड

पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइलों में कई महंगे ब्रांड शामिल हैं:

  • iPhone

  • Samsung

  • Vivo

  • Oppo

  • OnePlus

इनमें से कुछ मोबाइल छीनने के बाद दूसरे जिलों में बेच दिए जाते थे। आरोपी अक्सर चोरी किए गए फोन को छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में ले जाते थे ताकि स्थानीय ट्रैकिंग से बच सकें।

बिना नंबर प्लेट की बाइक — पुलिस को चकमा देने के लिए इस्तेमाल होती थी

गिरोह द्वारा उपयोग की जाने वाली बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जिससे CCTV फुटेज में भी बाइक की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। बाइक को कई बार अलग-अलग रंगों से पेंट भी किया जाता था।

पुलिस के अनुसार:

  • बाइक चोरी की नहीं, बल्कि किसी परिचित की थी

  • आरोपी घटना के बाद बाइक का मॉडल व लुक बदल देते थे

  • नंबर प्लेट हटाने से लोकेशन ट्रेसिंग भी कठिन हो जाती थी

पुलिस ने कैसे पकड़ा गिरोह — यहां पूरी कार्रवाई

रायपुर पुलिस ने कई टीमों का गठन किया था। प्रमुख कदम इस प्रकार थे:

1) CCTV फुटेज का गहन विश्लेषण

लगातार घटनाएँ होने पर पुलिस ने 40 से अधिक कैमरों की फुटेज को खंगाला। आरोपी की बाइक कई जगह पैटर्न के साथ देखी गई।

2) मुखबिर की सूचना

गिरोह शहर के एक मकान में वारदात के बाद मोबाइल जमा करते थे। मुखबिर से इस लोकेशन की जानकारी मिली।

3) छापेमारी और गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने एक सोसायटी के पास घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को बाइक सहित पकड़ लिया।

4) पूछताछ में गिरोह की पूरी कहानी सामने आई

दोनों ने पिछले दो महीनों में 20–25 मोबाइल छीनने की बात कबूल की।

पुलिस की अपील — सावधान रहें, इन आदतों से बचें

रायपुर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कुछ सुझाव भी जारी किए हैं:

  • सड़क पर चलते हुए फोन का उपयोग न करें

  • कॉल जरूरी हो तो सड़क के किनारे रुककर बात करें

  • सुनसान जगहों पर मोबाइल हाथ में लेकर न चलें

  • पर्स, बैग और मोबाइल को शरीर की ओर सुरक्षित रखें

  • बाइक की आवाज़ सुनते ही सतर्क हो जाएँ

कई मामलों में लोग इतनी तेजी से होती घटना के कारण प्रतिक्रिया नहीं दे पाते। इसलिए जागरूकता बहुत जरूरी है।

गिरोह के अन्य साथियों की तलाश जारी

पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ दो लोगों का गैंग नहीं है। गिरफ्तार युवकों ने पूछताछ में बताया कि कुछ मोबाइल वे तीसरे व्यक्ति को बेच देते थे जो चोरी के फोन्स को दूसरे राज्यों में भेज देता था। पुलिस अब उस सप्लाई चैन को ट्रेस करने में लगी है।

जल्द और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना

जांच में यह भी पाया गया है कि कई मोबाइल पहले ही दूसरे जिलों में खपाए जा चुके हैं। पुलिस टीम ने उन इलाकों में स्थानीय पुलिस के साथ संपर्क किया है और जल्द ही और गिरफ्तारी हो सकती है।

शहर में बढ़ती झपटमारी पर लगाम की उम्मीद

इस गिरोह की गिरफ्तारी रायपुर पुलिस के लिए बड़ी सफलता है क्योंकि इससे कई दिनों से शहर में फैले डर का माहौल कम होगा। साथ ही, लोगों में विश्वास बढ़ेगा कि इस तरह की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मोबाइल झपटमारी जैसी वारदातें शहर की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं, इसलिए आने वाले दिनों में ऐसे अपराधों पर और कड़ा नियंत्रण किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, बाइक पेट्रोलिंग और CCTV निगरानी को बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

निष्कर्ष

रायपुर पुलिस ने जिस चतुराई और तेजी से कार्रवाई करके इस गिरोह को पकड़ा है, उससे साफ है कि शहर में अपराधों के खिलाफ पुलिस सख्त है। मोबाइल झपटमारी जैसे अपराध भले मामूली लगें, लेकिन ये सीधे नागरिकों की सुरक्षा और मानसिक शांति पर असर डालते हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी से शहर को राहत जरूर मिली है, लेकिन पुलिस अभी भी गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।