राज्य में पहली बार सरकारी ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों की होगी रैंकिंग, रिजल्ट और प्लेसमेंट के आधार पर मूल्यांकन
छत्तीसगढ़।
राज्य में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। पहली बार सरकारी आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक संस्थानों की रैंकिंग की जाएगी। यह रैंकिंग विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम और प्लेसमेंट के आधार पर तय की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य संस्थानों के प्रदर्शन का पारदर्शी मूल्यांकन करना और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाना है। रैंकिंग प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों का पास प्रतिशत, रोजगार या अप्रेंटिसशिप में चयन, उद्योगों से जुड़ाव और प्रशिक्षण की गुणवत्ता जैसे मानकों को शामिल किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों को सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इससे शिक्षकों और प्रबंधन की जवाबदेही भी तय होगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सकेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही छात्रों को भी यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन-सा संस्थान बेहतर परिणाम और प्लेसमेंट उपलब्ध करा रहा है।
रैंकिंग के नतीजे सार्वजनिक किए जाने की भी योजना है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। आने वाले शैक्षणिक सत्र से इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
