रायपुर एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट: सॉफ्टवेयर गड़बड़ी और कोहरे का डबल असर, दिल्ली–मुंबई की फ्लाइटें घंटों देरी से
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मंगलवार सुबह से उड़ानों की आवाजाही प्रभावित रही। एयरलाइंस के केंद्रीय सर्वर में तकनीकी गड़बड़ी (सॉफ्टवेयर फॉल्ट) और उत्तरी भारत में छाए घने कोहरे का संयुक्त असर यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया। दिल्ली और मुंबई की प्रमुख उड़ानें निर्धारित समय से काफी देर से रवाना हुईं, जिससे सैकड़ों यात्री लंबी लाइनों और इधर-उधर से आती अधूरी सूचनाओं के बीच फंसे रहे।
एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइंस के कर्मचारियों को भी स्थिति संभालने में दिक्कतें आईं। फ्लाइट सूचना डिस्प्ले बोर्ड (FIDS) पर समय लगातार बदलता रहा, जिससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी रही।
सॉफ्टवेयर गड़बड़ी: चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया धीमी हुई
सुबह 6 बजे के बाद एयरलाइन सिस्टम में अचानक तकनीकी समस्या आ गई। सर्वर की यह गड़बड़ी देशभर के कई एयरपोर्ट को प्रभावित कर रही थी। रायपुर एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं रहा।
समस्या के प्रभाव:
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यात्रियों का चेक-इन अत्यंत धीमा हो गया
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बोर्डिंग पास प्रिंट करने में देरी
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बैगेज टैग सिस्टम बार-बार फ्रीज़
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स्टाफ को कई प्रक्रियाएँ मैनुअल मोड में करनी पड़ीं
इस वजह से सुरक्षा जांच में भी लंबी लाइनें लग गईं और कई यात्री परेशान होकर आगे-पीछे भागते दिखाई दिए। एयरलाइंस ने घोषणा जरूर की, लेकिन समय तय नहीं होने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
कोहरे का असर: दिल्ली और मुंबई से आने-जाने वाली उड़ानें सबसे अधिक प्रभावित
रायपुर से दिल्ली और मुंबई की उड़ानें सुबह के मुख्य स्लॉट में चलती हैं।
उत्तरी भारत में लगातार बढ़ रहे कोहरे के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर दृश्यता काफी कम हो गई थी, वहीं मुंबई में भी रनवे ऑपरेशंस पर इसका असर पड़ा।
इसका सीधा प्रभाव रायपुर की उड़ानों पर हुआ।
दिल्ली–रायपुर–दिल्ली रूट
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दिल्ली में विजिबिलिटी कम होने से फ्लाइटें लेट टेकऑफ़ हुईं
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लेट प्रस्थान होने से रायपुर पहुँचने में देरी
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देरी के कारण वापसी उड़ानें भी पीछे खिसक गईं
मुंबई–रायपुर–मुंबई रूट
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एयर ट्रैफिक कंजेशन के कारण टैक्सी-वे पर लंबा इंतजार
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कई उड़ानों को री-शेड्यूल किया गया
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रायपुर से वापस जाने वाली उड़ानों का बोर्डिंग समय बदला गया
कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें निर्धारित समय से एक-डेढ़ घंटे बाद बोर्डिंग की अनुमति मिली, कुछ को इससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
यात्रियों की परेशानी: अधूरी सूचना, लंबा इंतजार और रद्दीकरण का डर
एयरपोर्ट पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई।
कई लोग ऑफिस जाने, बिजनेस मीटिंग, मेडिकल अपॉइंटमेंट या कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए यात्रा कर रहे थे। उड़ान में देरी से उनके कार्यक्रम बिगड़ गए।
यात्रियों की मुख्य शिकायतें:
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डिस्प्ले बोर्ड पर समय बार-बार बदलना
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ग्राउंड स्टाफ से स्पष्ट जानकारी न मिलना
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मोबाइल ऐप पर स्टेटस अपडेट देर से आना
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वेटिंग एरिया में बैठने की सीमित जगह
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कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का खतरा
कुछ ने सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट देकर एयरलाइंस की धीमी प्रतिक्रिया पर नाराजगी व्यक्त की।
एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन की प्रतिक्रिया
एयरलाइंस ने बयान जारी करते हुए कहा:
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सॉफ्टवेयर गड़बड़ी राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी समस्या थी, जिसे प्राथमिकता पर ठीक किया गया।
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कोहरे की वजह से उड़ानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए दृश्यता में सुधार होते ही ऑपरेशंस शुरू किए गए।
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यात्रियों से धैर्य रखने और SMS/Email पर भेजे गए अपडेट चेक करते रहने की अपील की।
एयरपोर्ट प्रशासन ने स्टाफ बढ़ाकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। पानी, बैठने की व्यवस्था और वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए।
कनेक्टिंग यात्रियों के लिए विशेष दिक्कतें
रायपुर से दिल्ली/मुंबई होते हुए विदेश या दूसरे बड़े शहरों को जाने वाले यात्रियों के लिए देरी का जोखिम सबसे ज्यादा था।
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कुछ एयरलाइंस ने यात्रियों को दूसरे स्लॉट में rebook करने का विकल्प दिया
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कुछ यात्रियों को अलग काउंटर पर जाकर कनेक्शन के लिए विशेष सहायता लेनी पड़ी
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कई लोगों ने शिकायत की कि उनकी अगली उड़ान बिना इंतजार किए प्रस्थान कर गई
इस तरह की देरी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में बड़ी समस्या पैदा करती है, खासकर तब जब इमिग्रेशन या बैगेज ट्रांसफर में समय कम हो।
तकनीकी विशेषज्ञों का विश्लेषण: ‘डबल डिसरप्शन’ का असर
एयरपोर्ट संचालन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आज की स्थिति दोहरी समस्या का परिणाम थी:
1. सॉफ्टवेयर गड़बड़ी
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केंद्रीय सर्वर में खराबी आने से एयरलाइन सिस्टम ठप
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मैनुअल प्रोसेस से क्षमता 30–40% तक घट जाती है
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टर्न-अराउंड टाइम बढ़ता है, जिससे हर अगली उड़ान प्रभावित होती है
2. कोहरा और विजिबिलिटी मुद्दे
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रनवे संचालन सीमित
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टेकऑफ़ और लैंडिंग स्लॉट पीछे खिसकते हैं
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एक उड़ान की देरी दूसरी उड़ानों को चेन-रिएक्शन की तरह प्रभावित करती है
इसे विशेषज्ञ double disruption effect कहते हैं।
यात्रियों के लिए क्या सावधानियाँ और विकल्प?
भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेषज्ञ यात्रियों को कुछ सुझाव देते हैं:
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सुबह की फ्लाइट से पहले एयरलाइंस ऐप में स्टेटस चेक करें
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कोहरे के मौसम में कनेक्टिंग फ्लाइट के बीच पर्याप्त अंतर रखें
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एयरपोर्ट पहुँचकर SMS/Email नोटिफिकेशन सक्रिय करें
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देर होने पर एयरलाइन सहायता काउंटर से boarding या rebooking की जानकारी लें
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बिजनेस/इमरजेंसी ट्रैवल में बैकअप प्लान रखें
निष्कर्ष: मौसम + तकनीकी समस्या ने उड़ानों को अस्त-व्यस्त किया
रायपुर एयरपोर्ट पर मंगलवार का दिन यात्रियों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा।
सॉफ्टवेयर गड़बड़ी ने जहां चेक-इन और बोर्डिंग को सुस्त कर दिया, वहीं कोहरे के कारण दिल्ली और मुंबई से आने-जाने वाली उड़ानें पहले से ही देरी का सामना कर रही थीं।
डबल परेशानी के कारण यात्रियों को घंटों का इंतजार करना पड़ा।
एयरलाइंस का कहना है कि सिस्टम सामान्य कर दिया गया है और आगे उड़ानों को समय पर चलाने के प्रयास जारी रहेंगे।
