“किसानों का सपना हुआ सच: सरकारी सहायता से बदली ज़िंदगी”
ग्राम जमडी के किसान श्री सुरेश साहू और उनकी पत्नी श्रीमती मृदुला का जीवन कभी संघर्षों से भरा था। सीमित संसाधनों के बावजूद, वे अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का सपना देखते थे, जो उन्हें कभी दूर का ख्वाब लगता था। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-हितैषी नीतियों ने उनकी किस्मत पलट दी।
श्री सुरेश, जो दिन-रात खेतों में मेहनत करते थे, हमेशा अपनी सीमित आय से बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पैसे जुटाने में संघर्ष करते थे। लेकिन सरकार द्वारा तय की गई 3100 रुपये प्रति क्विंटल की धान खरीदी योजना ने उनके लिए दरवाजे खोल दिए। उन्होंने खेत से रिकॉर्ड धान उपजाया और सरकारी दर पर 85 क्विंटल धान बेचकर अच्छी आय अर्जित की।अब श्री सुरेश और उनकी पत्नी का सपना साकार हो रहा है। वे कहते हैं, “सरकार के इस कदम ने हमें नई दिशा दी है। हमने धान से जो पैसा कमाया, उसे बच्चों की मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग में लगायेंगे। हमें पूरा यकीन है कि हमारे बच्चे बड़े सपने साकार करेंगे।”
इसी तरह, ग्राम जमडी के किसान श्री हरबंश प्रसाद साहू ने 185 क्विंटल धान बेचा और बताया कि प्राप्त राशि से वे मकान निर्माण, कर्ज चुकाने और पत्नी के लिए आभूषण खरीदने का प्लान बना रहे हैं।ग्राम मुरमा के किसान श्री लाल सिंह गोंड़ ने भी 23 एकड़ में धान की खेती की और करीब 300 क्विंटल धान सरकारी खरीदी केंद्र में बेचा। वे इस पैसे का इस्तेमाल खेत निर्माण और अन्य फसलों के लिए करेंगे।इन किसानों का कहना है, “सरकार ने हमें आर्थिक संबल दिया है, जिससे हम अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं। हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी सरकार के आभारी हैं। यह सिर्फ आर्थिक सुधार नहीं, हमारे जैसे किसान परिवारों के लिए एक नई उम्मीद है।”
