पवित्र नगरी डोंगरगढ़ में पाखंडी बाबा पकड़ा गया, आश्रम से गांजा और आपत्तिजनक सामान जब्त
डोंगरगढ़ की प्रज्ञागिरी पहाड़ी के पास संचालित एक कथित आश्रम में पुलिस ने 25 जून को छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान जटाधारी साधु के वेश में रह रहा तरुण अग्रवाल उर्फ सोनू (45 वर्ष) नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले डेढ़ साल से क्षेत्र में एक आश्रम चला रहा था, जो असल में गैरकानूनी गतिविधियों का केंद्र बन गया था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 2 किलो गांजा, सेक्स टॉयज, नशीली गोलियां, वियाग्रा टेबलेट और इंजेक्शन सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। आश्रम परिसर से कुछ वीडियो उपकरण और विदेश से मंगाए गए संदिग्ध बॉक्स भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।
20 वर्षों तक गोवा में सक्रिय रहा आरोपी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी तरुण अग्रवाल बीते 20 वर्षों से गोवा में रह रहा था, जहां उसने विदेशी पर्यटकों को योग सिखाने के नाम पर एक नेटवर्क बनाया। डोंगरगढ़ में उसने गोवा की तर्ज पर योग व हेरिटेज सेंटर खोलने का दावा किया और फार्महाउस को आश्रम का स्वरूप दिया।

युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
पुलिस के अनुसार, आरोपी योग सिखाने के बहाने युवाओं को नशे की लत में फंसा रहा था। आश्रम में हर रात युवाओं की भीड़ लगी रहती थी। लगातार शिकायतों और पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियां देखने के बाद पुलिस ने 24 जून को योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की।

आश्रम का संचालन ‘सेठ श्री बालकिशन प्रसाद अग्रवाल मेमोरियल फाउंडेशन’ के नाम पर
आरोपी तरुण अग्रवाल डोंगरगढ़ के एक प्रतिष्ठित सेठ परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके बड़े भाई स्थानीय समाज के पदाधिकारी रह चुके हैं। आश्रम भी उसी परिवार के नाम पर बनाए गए फाउंडेशन के अंतर्गत संचालित हो रहा था। आरोपी ने करीब 6 करोड़ रुपये में जमीन खरीदकर फार्महाउस बनवाया, जिसे वह योग आश्रम के रूप में प्रस्तुत कर रहा था।

पुलिस कर रही गहराई से जांच
एसडीओ आशीष कुंजाम के अनुसार, आरोपी के दस्तावेजों, एनजीओ, बैंक खातों, पासपोर्ट और सोशल नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपी द्वारा विदेशी फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रमाण पत्रों के दावों की भी पुष्टि की जा रही है।
फिलहाल आश्रम को सील कर दिया गया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
