पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, लेकिन दाम नहीं बढ़ेंगे

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। हालांकि, सरकार ने साफ किया कि इस बढ़ोतरी का बोझ आम जनता पर नहीं पड़ेगा। तेल कंपनियां खुद यह खर्च वहन करेंगी।

नई ड्यूटी दरें:

  • पेट्रोल: 19.90 → 21.90 रुपए/लीटर

  • डीजल: 15.80 → 17.80 रुपए/लीटर

तेल कंपनियों को देना होगा खर्च:
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस बढ़ोतरी को कच्चे तेल की गिरती कीमतों से एडजस्ट किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां इसे अपनी कमाई में से देंगी, न कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाकर।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें किन बातों पर निर्भर करती हैं?

  1. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत

  2. डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट

  3. केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स

  4. देश में ईंधन की मांग

कैसे तय होती हैं कीमतें?

  • 2010 तक पेट्रोल के दाम सरकार तय करती थी

  • 2014 से डीजल की कीमतें भी बाजार के हवाले कर दी गईं

  • अब तेल कंपनियां रोज़ाना कच्चे तेल, टैक्स, एक्सचेंज रेट, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट जैसे फैक्टर देखकर रेट तय करती हैं

क्रूड ऑयल 4 साल के निचले स्तर पर

एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 4 साल के न्यूनतम स्तर पर आ चुकी हैं।

  • पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 12% की गिरावट

  • सोमवार को यह 64 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गया

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड रहा, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम गिर सकते हैं।