चुनावी राज्यों में ED की छापेमारी, बंगाल से पुडुचेरी तक कार्रवाई
राष्ट्रीय डेस्क | भारत
चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई चुनावी राज्यों में एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव-पूर्व छापेमारी की गई है।
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। इससे पहले महाराष्ट्र, दिल्ली और झारखंड में भी इसी तरह की छापेमारी हो चुकी है, जिससे एक समान पैटर्न उभरता दिखाई दे रहा है।
🔎 क्या है कार्रवाई का दायरा
जानकारी के अनुसार, छापेमारी उन व्यक्तियों, कंपनियों और परिसरों पर केंद्रित रही है जिनके खिलाफ वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी, अवैध फंडिंग या संदिग्ध ट्रांजैक्शन के आरोप हैं। ED की टीमें दस्तावेज़, डिजिटल रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े साक्ष्य खंगाल रही हैं।
⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
चुनावी माहौल के बीच हुई इन कार्रवाइयों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने इसे चुनाव से पहले दबाव की राजनीति करार दिया है, जबकि सरकार समर्थक पक्ष का कहना है कि एजेंसियां कानून के तहत स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और कार्रवाई का चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
चुनावी राज्यों में ED की लगातार छापेमारी ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बहस तेज कर दी है। आगे यह देखना अहम होगा कि जांच के नतीजों में क्या सामने आता है और इन कार्रवाइयों का चुनावी प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है।
