अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कहा कि —
“राज्य में अपराधियों में कानून का भय और जनता के मन में सुरक्षा का अहसास होना ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने यह बातें आज राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान कहीं। इस बैठक में गृह विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
🛡️ कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार के संगठित अपराध, माफिया, अवैध खनन, नशा तस्करी, और महिलाओं के खिलाफ अपराध पर राज्य सरकार की नीति “ज़ीरो टॉलरेंस” की रहेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
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हर जिले में कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा बैठक हो।
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संवेदनशील इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त बढ़ाई जाए।
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अपराधियों पर कठोर कार्रवाई कर कानून का सख्त संदेश दिया जाए।
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जनता की शिकायतों का तत्काल निवारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को केवल “कानून लागू करने वाली शक्ति” नहीं, बल्कि “जनविश्वास की प्रतीक शक्ति” बनना चाहिए।
👮♂️ पुलिस सुधार और तकनीकी नवाचार पर जोर
श्री साय ने बताया कि सरकार जल्द ही ‘स्मार्ट पुलिसिंग मिशन’ लागू करने जा रही है, जिसके तहत—
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थानों का डिजिटलीकरण,
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सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का विस्तार,
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और क्राइम एनालिटिक्स सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें जोड़ी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की पहचान में तेजी आएगी।
🌐 जनता की सुरक्षा के लिए नई पहल
बैठक में मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे, जैसे—
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हर जिले में “जनसुरक्षा हेल्पलाइन” और “महिला सुरक्षा ऐप” की शुरुआत।
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स्कूल-कॉलेजों में सुरक्षा जागरूकता अभियान।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस चौपाल और जन संवाद कार्यक्रम के माध्यम से विश्वास निर्माण।
उन्होंने कहा कि जनता तभी सुरक्षित महसूस करेगी जब वह प्रशासन के साथ सीधे जुड़ी हो और पुलिस उनकी मित्र बने।
💬 मुख्यमंत्री का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा —
“कानून का भय ही समाज में शांति का आधार है। हमारी जिम्मेदारी है कि अपराधियों को कड़ी सज़ा मिले और आम नागरिक बेखौफ जीवन जी सकें।”
उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को जनहित सर्वोपरि रखने, निष्पक्ष कार्रवाई करने और जनता के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने का निर्देश दिया।
