निजी अस्पतालों पर नकेल: अब मोबाइल पर मिलेगा आयुष्मान योजना का मैसेज—इलाज पर कितना खर्च हुआ और कितना बैलेंस बचा

सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और निजी अस्पतालों में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब मरीजों को इलाज के दौरान जितना खर्च होगा, उसकी जानकारी सीधे उनके मोबाइल पर मैसेज के रूप में भेजी जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि उनके कार्ड में कितना बैलेंस बचा हुआ है।

मरीज को रियल-टाइम अपडेट

नई प्रणाली के तहत जब भी कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड से इलाज का दावा (क्लेम) दर्ज करेगा, मरीज के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तुरंत सूचना जाएगी।
मैसेज में होगा:

  • इलाज पर स्वीकृत राशि

  • अस्पताल द्वारा दाखिल क्लेम की रकम

  • कार्ड में शेष बैलेंस

  • प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई मामलों में अस्पतालों पर अनियमित बिलिंग और फर्जी क्लेम के आरोप लगते रहे हैं।

मनमानी पर लगेगी रोक

सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, कुछ निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत अनावश्यक परीक्षण, गलत प्रक्रियाएँ और अधिक राशि दिखाकर क्लेम करते थे। मरीजों को बिल की जानकारी तक नहीं होती थी।

नई व्यवस्था से:

  • फर्जी बिलिंग पर रोक लगेगी

  • मरीज धोखाधड़ी से बचेंगे

  • अस्पतालों की जवाबदेही बढ़ेगी

  • योजना का दुरुपयोग कम होगा

अधिकारियों का कहना

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है। मरीज को पता होगा कि उसका कार्ड कहाँ और किस तरह उपयोग हो रहा है।

मरीजों के लिए फायदे

नई व्यवस्था से लाभार्थियों के लिए कई फायदे होंगे:

  • इलाज का पूरा हिसाब ऑनलाइन और मैसेज में

  • अस्पताल द्वारा गलत एंट्री की तुरंत जानकारी

  • क्लेम में अनियमितता होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करने का मौका

  • भविष्य के इलाज की बेहतर योजना

अस्पतालों की प्रतिक्रिया

कुछ निजी अस्पतालों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कुछ का कहना है कि यह प्रक्रिया उनके प्रशासनिक कार्यों में समय बढ़ा सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि पारदर्शिता सर्वोपरि है।

आगे और भी सुधार

मंत्रालय जल्द ही आयुष्मान कार्ड के लिए एक उन्नत मोबाइल ऐप जारी करेगा, जिसमें मरीज अपने सभी क्लेम, अस्पताल विजिट, और कार्ड बैलेंस का विस्तृत रिकॉर्ड देख सकेंगे।