चिरायु योजना बनी संजीवनी, दिल की बीमारी से जूझ रही सुरेखा को मिला नया जीवन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘चिरायु योजना’ एक बार फिर जरूरतमंद बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है। बलरामपुर जिले के ग्राम महाराजगंज की रहने वाली मासूम सुरेखा को जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित होने के बाद अब नया जीवन मिल गया है। हाल ही में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया है।

सुरेखा के हृदय में जन्म से ही छेद था। इसकी पहचान स्कूल में आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के दौरान हुई। जैसे ही यह खबर सुरेखा के माता-पिता को मिली, वे बेहद चिंतित हो गए। लेकिन चिरायु योजना ने उनके लिए आशा की नई किरण जगाई।

योजना के तहत सुरेखा को श्री सत्य साईं अस्पताल रायपुर में भेजा गया, जहां उसका नि:शुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। इलाज के दौरान सभी जाँच, सर्जरी, दवाइयाँ और देखभाल का पूरा खर्च योजना से वहन किया गया।

हाल ही में दो दिवसीय वृहद स्वास्थ्य शिविर में जब सुरेखा की दोबारा जांच की गई, तो विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसे पूर्णतः स्वस्थ घोषित किया और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी सौंपा।

पिता की भावुक प्रतिक्रिया:

सुरेखा के पिता श्री कुन्दलेश ने भावुक होते हुए कहा –

आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण हम बेटी का इलाज बड़े शहर में नहीं करवा सकते थे। चिरायु योजना और जिला प्रशासन की मदद से हमारी बेटी न सिर्फ ठीक हुई, बल्कि उसका बचपन भी लौट आया।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला प्रशासन और चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया।

चिरायु योजना का प्रभाव:

गौरतलब है कि चिरायु योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के हजारों बच्चों को गंभीर बीमारियों से राहत मिल चुकी है। यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की सार्थक और संवेदनशील पहल है।