मुख्य सचिव अमिताभ जैन को केंद्र से मिला तीन माह का सेवा विस्तार, विदाई ऐन वक्त पर रोकी गई
रायपुर | 30 जून 2025
छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर आज का दिन बेहद नाटकीय घटनाक्रमों से भरा रहा। पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्य सचिव अमिताभ जैन की सेवानिवृत्ति और विदाई समारोह की पूरी तैयारी हो चुकी थी। उन्हें राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन में शाल व श्रीफल देकर औपचारिक विदाई भी दे दी थी। वहीं मंत्रालय के हॉल में विदाई कार्यक्रम की व्यवस्था पूरी हो चुकी थी।
लेकिन इसी बीच भारत सरकार से अचानक एक कॉल आया, जिसमें श्री अमिताभ जैन को तीन माह का सेवा विस्तार देने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पूरा माहौल बदल गया।
🔹 कैबिनेट में ऐन वक्त पर रोकी गई विदाई
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट बैठक में भी श्री जैन की विदाई प्रस्तावित थी। कई मंत्रियों ने इसके लिए भाषण भी तैयार कर लिए थे। मगर जैसे ही दिल्ली से आदेश की पुष्टि हुई, कैबिनेट बैठक के दौरान ही विदाई कार्यक्रम रोक दिया गया। आपसी इशारों और सूचनाओं के बीच तय हुआ कि श्री जैन अगले तीन माह तक पद पर बने रहेंगे।
🔹 एक्सटेंशन पर बना था आखिरी मिनट तक सस्पेंस
राज्य सरकार की ओर से सेवा विस्तार का प्रस्ताव पहले ही केंद्र को भेजा गया था, लेकिन सहमति या असहमति का कोई संकेत नहीं मिला था। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर नए चीफ सेक्रेटरी की घोषणा के लिए भी इंतजार किया जा रहा था। इसी असमंजस के चलते कैबिनेट से पहले नया आदेश जारी नहीं हो सका।
विशेष बात यह रही कि भारत सरकार का आदेश रिटायरमेंट से ठीक दो घंटे पहले आया, जिससे मंत्रालय और प्रशासन दोनों में अफरा-तफरी मच गई।
🔹 छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ ऐसा घटनाक्रम
यह प्रदेश का पहला मामला है जब किसी मुख्य सचिव को रिटायरमेंट के दिन अंतिम क्षणों में सेवा विस्तार मिला हो। इसके साथ ही अमिताभ जैन छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे मुख्य सचिव बन गए, जिन्हें सेवा विस्तार मिला है। आमतौर पर यह निर्णय कम से कम एक दिन पहले आ जाता है, मगर इस बार मामला अंतिम क्षणों तक टिका रहा।
🔹 विदाई समारोह अधर में
मुख्य सचिव के लिए मंत्रालय के हॉल में सजावट हो चुकी थी, फ्लैक्स और 400 पैकेट नाश्ते की व्यवस्था हो चुकी थी। मगर जैसे ही एक्सटेंशन की खबर आई, पूरा कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए यह दिन हैरत, उलझन और राहत – तीनों का मिला-जुला दिन साबित हुआ।
यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ गया है।
