मुख्यमंत्री साय ने रायगढ़ में 137 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ, महिलाओं और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं
रायगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लगभग 137 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया और इस दौरान उन्होंने प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त के रूप में 652 करोड़ रुपए की राशि भी हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर गर्व से कहा कि उनकी सरकार की मेहनत और माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही उन्हें काम करने की शक्ति देता है। उन्होंने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के दानसरा गांव की महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने महतारी वंदन योजना से मिली राशि से हनुमान मंदिर के पास रामलला का मंदिर बनाने का संकल्प लिया। यह पहल उनके सामूहिक उत्साह और सामाजिक समृद्धि की मिसाल बन गई।
मुख्यमंत्री ने रायपुर में हाल ही में आयोजित पीएससी परीक्षा के टॉपर्स से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार से मुक्त परीक्षा प्रक्रिया को सुनिश्चित किया, जिससे युवाओं का विश्वास पुनः लौटा। अब प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नालंदा जैसे आधुनिक पुस्तकालय खोले जाएंगे, जिनमें हर तरह की सुविधाएं, जैसे वाईफाई और स्टडी मटेरियल, उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित बनाने के लिए तैयार किए गए विजन डाक्यूमेंट पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण की दिशा में कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, और अगले दो साल में छत्तीसगढ़ का रोड नेटवर्क विकसित देशों के बराबरी पर होगा।
कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था की। पिछले साल की तरह इस बार भी रिकॉर्ड 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य है।रायगढ़ के मरीन ड्राइव में बनने वाला नालंदा परिसर प्रदेश की सबसे बड़ी और अत्याधुनिक लाइब्रेरी होगी, जहां छात्रों को अध्ययन के लिए सभी सुविधाएं मिलेंगी। यह लाइब्रेरी प्रदेश के युवाओं के लिए ज्ञान का नया केंद्र बनेगी, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री साय की यह पहल छत्तीसगढ़ के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रदेशवासियों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
