छत्तीसगढ़ का पहला जू निजीकरण की ओर: देश को 13 सफेद बाघ देने वाले मैत्री बाग को निजी एजेंसी को सौंपने की तैयारी
छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित मैत्री बाग जू को निजी एजेंसी के हवाले करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह राज्य का पहला ऐसा जू होगा, जिसे संचालन, देखरेख और प्रबंधन के लिए प्राइवेट संस्था को देने की योजना बनाई जा रही है।
मैत्री बाग देशभर में अपनी ब्रीडिंग सफलता के लिए जाना जाता है और अब तक देश को 13 सफेद बाघ दे चुका है।
निजी संचालन का प्रस्ताव अंतिम चरण में
भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के प्रबंधन ने जू की देखरेख में सुधार, पशु कल्याण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से निजीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है।
सूत्रों के अनुसार,
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टिकटिंग सिस्टम,
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सफाई,
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रखरखाव,
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मनोरंजन सुविधाएँ,
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और विजिटर मैनेजमेंट
जैसे कार्य निजी एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं, जबकि पशुओं की जिम्मेदारी BSP और वन विभाग की निगरानी में रहेगी।
कर्मचारी और स्थानीय लोग चिंतित
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में इस प्रस्ताव को लेकर चिंता है। उनका मानना है कि प्राइवेट एजेंसी आने से
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टिकट दरें बढ़ सकती हैं,
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रोजगार पर असर पड़ सकता है,
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और जू का मूल सामाजिक चरित्र बदल सकता है।
कर्मचारियों का कहना है कि जू वर्षों से भिलाई की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रहा है और इसे पूरी तरह व्यावसायिक मॉडल पर नहीं चलाया जाना चाहिए।
मैत्री बाग की देशभर में पहचान
मैत्री बाग जू की प्रतिष्ठा सिर्फ भिलाई तक सीमित नहीं है। यह देश के सफलतम सफेद बाघ प्रजनन केंद्रों (breeding centres) में से एक रहा है।
यहाँ से भेजे गए बाघ कई राष्ट्रीय उद्यानों और अन्य जू में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
इसके अलावा जू में:
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दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी और पशु,
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झील और सफारी क्षेत्र,
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और भिलाईवासियों की पसंदीदा टॉय ट्रेन
भी इसकी लोकप्रियता का प्रमुख कारण हैं।
आधुनिक सुविधाएँ देने का दावा
BSP प्रबंधन का कहना है कि निजी एजेंसी के आने से जू में वर्ल्ड-क्लास विजिटर सुविधाएँ विकसित होंगी, जैसे:
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डिजिटल टिकटिंग
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कैफेटेरिया और फूड कोर्ट्स
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बेहतर सुरक्षा
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बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षक ज़ोन्स
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इंटरैक्टिव डिस्प्ले और एडुटेनमेंट मॉडल
प्रबंधन के अनुसार, इससे पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।
अंतिम फैसला जल्द
वर्तमान में प्रस्ताव समीक्षा में है और वन विभाग तथा BSP संयुक्त रूप से मॉडल की स्वीकृति पर विचार कर रहे हैं। अंतिम निर्णय आने वाले कुछ हफ्तों में लिया जा सकता है।
