छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: EOW की अंतिम चार्जशीट में बड़े खुलासे, 170 करोड़ की संपत्ति जब्त; जानें किस नेता-अफसर पर क्या हैं आरोप

रायपुर / क्राइम न्यूज
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ₹570 करोड़ के कोल लेवी घोटाले (Coal Levy Scam) में जांच एजेंसियों (EOW/ACB एवं ED) की कार्रवाई के बाद मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा रायपुर की विशेष अदालत में अंतिम चार्जशीट (Final Chargesheet) दाखिल किए जाने के दौरान विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और निलंबित IAS अफसरों सहित मुख्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए।
1. क्या है कोल लेवी घोटाला और कैसे हुई अवैध वसूली?
ऑफलाइन परमिट से खेल: आरोप है कि राज्य में कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से अवैध वसूली के लिए ऑनलाइन मिलने वाले ट्रांसपोर्ट परमिट को बंद कर ऑफलाइन परमिट प्रक्रिया जबरन लागू की गई थी।
कमीशन का गणित: कोल वाशरी संचालकों से ₹100 प्रति टन तथा वाशरी से कोयला निकलने पर ₹25 प्रति टन का अतिरिक्त कमीशन वसूला जाता था।
570 करोड़ का सिंडिकेट: इस पूरी अवैध व्यवस्था के माध्यम से सिंडिकेट ने कुल ₹570 करोड़ से अधिक की वसूली की।
2. कोर्ट में अंतिम चार्जशीट और बेनामी संपत्ति जब्त
विशेष अदालत (रायपुर) में EOW द्वारा पेश की गई अंतिम चार्जशीट के दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी, और IAS अधिकारी जयप्रकाश मौर्य समेत 9 आरोपी उपस्थित रहे।
जांच एजेंसियों द्वारा इस पूरे मामले में अब तक करीब ₹170 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त और अटैच की जा चुकी है।
3. प्रमुख आरोपियों पर मुख्य आरोप और पैसों का इस्तेमाल
| आरोपी | पद / पहचान | मुख्य आरोप एवं पैसों का इस्तेमाल |
| सूर्यकांत तिवारी | कारोबारी (मास्टरमाइंड) | अवैध वसूली का सिंडिकेट चलाना और नेताओं-अफसरों तक किश्तों में रिश्वत पहुंचाना। |
| सौम्या चौरसिया | तत्कालीन उप-सचिव (CMO) | सूर्यकांत से 169 बार में लगभग ₹31 करोड़ की अवैध राशि प्राप्त करने का आरोप। |
| देवेंद्र यादव | कांग्रेस विधायक | 11 किश्तों में ₹3 करोड़ लेने और इन पैसों को खैरागढ़ उपचुनाव व UP चुनाव में खर्च करने का आरोप। |
| चंद्रदेव राय | पूर्व विधायक | ₹46 लाख लेने का आरोप (₹42 लाख UP चुनाव में खर्च और ₹4 लाख में पत्नी के लिए सोने का हार खरीदा)। |
| रानू साहू | निलंबित IAS | 13 बार में ₹5.52 करोड़ की अवैध राशि लेने का आरोप। |
| विनोद तिवारी | कांग्रेस नेता | 19 किश्तों में ₹1.87 करोड़ लेने और इसे खैरागढ़ चुनाव व प्रॉपर्टी में इस्तेमाल करने का आरोप। |
4. वॉट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड्स और पुख्ता सबूत
ED और EOW की चार्जशीट में सूर्यकांत तिवारी, देवेंद्र यादव और चंद्रदेव राय के बीच हुई वॉट्सऐप चैट और कॉल डिटेल्स को अहम सबूत बनाया गया है। इन चैट्स में खैरागढ़ उपचुनाव के दौरान मुलाकातों के समय, गहनों की दुकान से सोने के हार की तस्वीर और लोकेशन कन्फर्मेशन जैसी जानकारियां शामिल हैं।
5. IPS अफसरों की सांठगांठ और जासूसी का एंगल
IPS अधिकारियों पर आरोप: चार्जशीट के अनुसार, तीन IPS अफसर (पारूल माथुर, प्रशांत अग्रवाल और भोजराम पटेल) मुख्य आरोपियों के संपर्क में थे और कथित रूप से विभागीय जानकारियां साझा करते थे।
ED अधिकारियों की जासूसी: मामले में एक पुलिस कांस्टेबल (अमित कुमार दुबे) पर जांच एजेंसी ED के अधिकारियों की जासूसी करने का गंभीर आरोप भी शामिल किया गया है।

