मुख्यमंत्री सचिवालय में बड़े बदलाव के संकेत, 15 अप्रैल से पहले प्रशासनिक फेरबदल संभव
रायपुर | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय में हाल ही में हुए बदलावों के बाद अब व्यापक स्तर पर फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल से पहले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
विभागों के प्रदर्शन पर उठे सवाल
कुछ विभागों के कार्यप्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग (PWD), जिसे राज्य के विकास की मुख्य धुरी माना जाता है, निर्धारित बजट का पूरा उपयोग नहीं कर पाया है। बड़ी राशि खर्च न होने के कारण विकास कार्यों की गति पर प्रभाव पड़ा है।
इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में भी कामकाज को लेकर आलोचनाएं सामने आई हैं। जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप
राज्य के एक विभाग में अधिकारियों से कथित रूप से धन संग्रह किए जाने की खबरें भी चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि एक संगठन के नाम पर अधिकारियों से बड़ी राशि जमा कराने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
महादेव ऐप मामले में फिर हलचल
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामले में एक बार फिर गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इस प्रकरण में पहले भी कई अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ चुके हैं।
जांच एजेंसियों द्वारा इस मामले में संपत्तियों की जब्ती और जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में इस मामले में और कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
आधे कार्यकाल के बाद सरकार का रिव्यू
राज्य सरकार ने अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस चरण पर आमतौर पर सरकारें अपने कामकाज की समीक्षा करती हैं और आवश्यक बदलाव करती हैं। इसी क्रम में मंत्रियों के विभागों में फेरबदल या प्रशासनिक पुनर्गठन की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में हालिया बदलाव
हाल ही में मुख्यमंत्री सचिवालय में कुछ अहम जिम्मेदारियों में बदलाव किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के केंद्र में पदस्थ होने के बाद नए अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही सचिव स्तर पर भी परिवर्तन की तैयारी चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों ने एक ही विभाग में लंबे समय तक कार्य किया है, उनके स्थानांतरण पर विचार किया जा रहा है। कुछ जिलों के कलेक्टरों के भी बदले जाने की संभावना है।
15 अप्रैल से पहले बड़े फैसलों की संभावना
प्रशासनिक कसावट और बेहतर कार्यप्रणाली के लिए राज्य सरकार जल्द ही व्यापक फेरबदल कर सकती है। चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव 15 अप्रैल से पहले किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जमीन आवंटन को लेकर भी चर्चा
हाल ही में विधानसभा में एक औद्योगिक परियोजना को भूमि आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष ने प्रक्रिया और शर्तों को लेकर आपत्ति जताई है। इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए आगे और जांच या चर्चा संभव है।
राज्य में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में लिए जाने वाले निर्णय सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे।
