बजट 2026: अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट पेश

7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 17 कैंसर दवाएं ड्यूटी-फ्री, इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं। इस बार का बजट खास तौर पर इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, आम करदाताओं को राहत की उम्मीद थी, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया।

रक्षा क्षेत्र को रिकॉर्ड बढ़त

बजट 2026 में रक्षा खर्च में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। सरकार का फोकस आधुनिक हथियार प्रणाली, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने पर है। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि रक्षा विनिर्माण से जुड़े उद्योगों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंज़ूरी

देश की परिवहन व्यवस्था को नई गति देने के लिए बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इन कॉरिडोरों के जरिए प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा समय कम होगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और क्षेत्रीय विकास को रफ्तार मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र को राहत: 17 कैंसर दवाएं ड्यूटी-फ्री

स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 17 आवश्यक कैंसर दवाओं को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इससे इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और कैंसर मरीजों के इलाज का खर्च घटेगा। विशेषज्ञ इसे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक संवेदनशील और सकारात्मक फैसला मान रहे हैं।

टैक्सपेयर्स को निराशा

जहां एक ओर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य पर जोर दिया गया, वहीं मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स को इस बजट से कोई सीधी राहत नहीं मिली। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होने से करदाताओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

कुल मिलाकर बजट 2026

बजट 2026 को रणनीतिक और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित बजट माना जा रहा है। रक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े निवेश के संकेत मिलते हैं, जबकि टैक्स राहत के मोर्चे पर सरकार ने यथास्थिति बनाए रखी है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का असर अर्थव्यवस्था और आम जनता पर किस तरह पड़ता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।