इस उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ऊर्जा, कृषि, रक्षा, खनन, विमानन, बायोफ्यूल और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा।
भारत और ब्राजील पहले से ही ब्रिक्स और जी-20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोगी रहे हैं। इस दौरे के दौरान द्विपक्षीय व्यापार संतुलन, सप्लाई चेन सहयोग और हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा संभावित है।
संभावित समझौते और निवेश अवसर
सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। खासतौर पर:
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एथेनॉल और बायोफ्यूल सहयोग
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रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में तकनीकी साझेदारी
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कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश
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डिजिटल और स्टार्टअप सहयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि 260 कंपनियों की भागीदारी इस दौरे को महज औपचारिक यात्रा से आगे ले जाकर ठोस आर्थिक परिणामों की दिशा में बढ़ा सकती है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में बढ़ता सहयोग
भारत और ब्राजील, दोनों उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और वैश्विक दक्षिण (Global South) के प्रतिनिधि देशों में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों का रणनीतिक सहयोग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह दौरा न केवल आर्थिक बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस यात्रा से जुड़े समझौतों और घोषणाओं पर सभी की नजर रहेगी।