मोजो मशरूम फैक्ट्री पर बड़ा खुलासा: बच्चों ने लगाए बंधक बनाकर शोषण के आरोप

मोजो मशरूम फैक्ट्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। फैक्ट्री में काम कर रहे कई बच्चों ने बताया है कि उन्हें बंधक बनाकर काम करवाया गया, साथ ही उनके साथ अत्यधिक शोषण किया गया। शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस टीम ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया, जहां मजदूरों के हालात चिंताजनक पाए गए।

एक कमरे में 10–15 मजदूरों को ठूंसा जाता था

बच्चों ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन उन्हें बेहद तंग और दमघोंटू कमरों में ठूंसकर रखता था।
एक ही कमरे में 10 से 15 लोगों को सुलाना, खाना और काम कराना आम बात थी। कमरे में न तो पर्याप्त रोशनी थी और न ही वेंटिलेशन, जिसके कारण कई मजदूर बीमार पड़ जाते थे।

पानी भी पॉलिथीन में भरकर पीना पड़ता था

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि फैक्ट्री में पीने के पानी की व्यवस्था न के बराबर थी। मजदूरों को अक्सर पॉलिथीन में पानी भरकर पीना पड़ता था।
इससे यह साफ होता है कि फैक्ट्री में बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी थी।

मशरूम पर रसायनों के उपयोग का आरोप

मजदूरों ने यह भी दावा किया कि मशरूम को तेजी से उगाने के लिए खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता था। यह कार्य बिना सुरक्षा उपकरणों के करवाया जाता था, जिससे मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

जांच एजेंसियां सक्रिय

स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की है।
श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मिलकर फैक्ट्री में पाए गए हालात की जांच कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट में मजदूरों की स्थिति को “मानवाधिकारों का उल्लंघन” बताया गया है।

प्रबंधन पर जल्द कार्रवाई की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, आरोपों की पुष्टि होने पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों को कथित तौर पर बंधक बनाकर काम कराने और असुरक्षित वातावरण में उत्पादन करने के आरोप गंभीर श्रेणी के अपराध माने जाएंगे।