Ola, Uber, Rapido सेवाएं कई शहरों में प्रभावित; ड्राइवरों ने घटती कमाई और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन किया

देशभर में एप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने सोमवार को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया, जिससे कई बड़े शहरों में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। इस हड़ताल का सीधा असर Ola, Uber और Rapido जैसे प्लेटफॉर्म्स पर देखने को मिला।

ड्राइवर संगठनों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में उनकी कमाई लगातार घटती जा रही है, जबकि कंपनियों की ओर से लगाए जाने वाले कमीशन, इंसेंटिव कटौती और नियमों की सख्ती बढ़ती जा रही है। ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्वतंत्र पार्टनर कहकर जोड़ा जाता है, लेकिन व्यवहार में कर्मचारियों जैसी शर्तें थोपी जाती हैं।

क्या हैं ड्राइवरों की प्रमुख मांगें?

ड्राइवरों ने सरकार और संबंधित कंपनियों से निम्न मांगें रखी हैं:

  • न्यूनतम किराया तय किया जाए

  • कंपनियों द्वारा लिया जाने वाला कमीशन कम हो

  • ईंधन और रखरखाव लागत के अनुसार किराया संशोधित किया जाए

  • ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और बीमा कवर सुनिश्चित किया जाए

  • बिना पूर्व सूचना अकाउंट सस्पेंशन पर रोक लगे

कई शहरों में यात्री हुए परेशान

हड़ताल के कारण दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे सहित कई शहरों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह और शाम के पीक आवर्स में कैब और बाइक टैक्सी की उपलब्धता बेहद सीमित रही, जिससे ऑफिस जाने वाले और दैनिक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ा।

सरकार और कंपनियों की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल सरकार और एप-बेस्ड कंपनियों की ओर से कोई ठोस आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ड्राइवर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


यह हड़ताल एप-बेस्ड गिग इकॉनमी में काम कर रहे लाखों ड्राइवरों की आर्थिक असुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। आने वाले दिनों में सरकार, कंपनियों और ड्राइवरों के बीच बातचीत इस मुद्दे की दिशा तय करेगी।