छत्तीसगढ़ पुलिस के नए डीजीपी के नाम की घोषणा करीब, अरुण देव और पवन देव में कांटे की टक्कर
छत्तीसगढ़ पुलिस के नए डीजीपी का नाम अब लगभग तय हो चुका है, क्योंकि वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल 5 फरवरी, 2025 को समाप्त होने वाला है। जुनेजा के कार्यकाल के बाद राज्य सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारियों के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं और यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा है।
सूत्रों के अनुसार, डीजीपी के लिए दो प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं – अरुण देव और पवन देव। अरुण देव के लिए प्रदेश के नेताओं की लॉबी सक्रिय है, जबकि पवन देव के लिए बिहार के राजनेता लॉबी कर रहे हैं। इन दोनों अधिकारियों में से एक को छत्तीसगढ़ पुलिस का नया मुखिया बनाया जा सकता है।
गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सचिवालय से फाइल 20 दिन पहले यूपीएससी को भेजी गई थी। यूपीएससी ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद राज्य सरकार को पत्र भेजा, और राज्य सरकार अब इसके आधार पर अंतिम निर्णय लेने के करीब है। इस फैसले की घोषणा जल्द की जा सकती है।
इन दोनों अधिकारियों के नाम की चर्चा हो रही है:
- पवन देव: वर्तमान में विशेष महानिदेशक (पुलिस आवास निगम) के पद पर कार्यरत हैं।
- अरुण देव गौतम: महानिदेशक (होमगार्ड) के रूप में पदस्थ हैं।
- हिमांशु गुप्ता: प्रदेश के जेल प्रशासन की देखरेख कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के 2006 के फैसले के अनुसार, राज्य सरकार को अपने डीजीपी का चयन UPSC द्वारा सूचीबद्ध तीन सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से करना होता है। इसके अलावा, चयनित अधिकारी को अपनी सेवानिवृत्ति की तारीख से परे कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करना आवश्यक है।
अब छत्तीसगढ़ पुलिस के नए डीजीपी के नाम की घोषणा की राह पर एक और कदम बढ़ चुका है।
