अमित जोगी का बड़ा बयान: हिड़मा राज्य का दुश्मन, उसका नाम लेना भी गलत; भाजपा सरकार पर कोयला खदानों के निजीकरण का आरोप
जोगी कांग्रेस अध्यक्ष ने सुरक्षा मुद्दों पर सरकार को घेरा। कहा—नक्सलवाद पर राजनीतिक बयानबाजी बंद हो, कोयला ब्लॉकों को निजी हाथों में देने की तैयारी चल रही है।
रायपुर | राजनीति रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जोगी कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रदेश में नक्सल मुद्दे और खनन नीतियों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि हिड़मा राज्य का दुश्मन है और उसका नाम तक लेना गलत है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय ठोस सुरक्षा रणनीति की जरूरत है।
“हिड़मा राज्य का दुश्मन, उसे महिमामंडित करना गलत”
अमित जोगी ने कहा कि नक्सल कमांडर हिड़मा किसी भी रूप में चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे उसकी गतिविधियों को अनचाहा महत्व मिलता है।
उन्होंने कहा:
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“हिड़मा जैसे लोग राज्य के दुश्मन हैं।”
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“राजनीति में उसके नाम का इस्तेमाल करना भी गलत है।”
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“ऐसे तत्वों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाना चाहिए, न कि बयानबाजी।”
भाजपा सरकार पर कोयला खदानों के निजीकरण का आरोप
प्रेस वार्ता में अमित जोगी ने प्रदेश सरकार पर कोयला नीति को लेकर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि:
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राज्य की प्रमुख कोयला खदानों को निजी कंपनियों को देने की तैयारी चल रही है
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इससे स्थानीय लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा
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जमीन अधिग्रहण और विस्थापन की समस्याएं बढ़ेंगी
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सरकारी नियंत्रण कमजोर होगा और खनिज राजस्व प्रभावित होगा
उन्होंने कहा कि यदि खदानों का निजीकरण बढ़ता है, तो जोगी कांग्रेस इसका विरोध करेगी।
“विकास के नाम पर संसाधन बेच रही सरकार”
जोगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ‘विकास’ के नाम पर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को बेचने की नीति पर चल रही है, जबकि जरूरत राज्यहित में पारदर्शी और जन-केंद्रित नीतियों की है।
नक्सल मुद्दे पर समन्वित रणनीति की मांग
अमित जोगी ने कहा कि नक्सलवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं होना चाहिए।
उनका कहना है कि:
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संयुक्त सुरक्षा अभियानों को और मजबूत किया जाए
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स्थानीय इंटेलिजेंस बढ़ाई जाए
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सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी विकास कार्यों पर फोकस बढ़े
