AI समिट पर सियासी बयानबाज़ी तेज, राहुल गांधी ने किया ‘PR तमाशा’ साबित, शशि थरूर ने समझाई बड़ी बैठक की चुनौतियाँ
नई दिल्ली।
AI Impact Summit 2026 के इर्द-गिर्द सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16–21 फरवरी 2026 को दिल्ली में भारत AI इम्पैक्ट समिट के नाम से आयोजित किया गया, जिसमें दुनिया भर के तकनीकी नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव, शासन और सहयोग पर विचार करना था।
कई वैश्विक आयोजनों की तरह इस समिट के आयोजन में भी कुछ गठनीय व्यवस्थित मुद्दे और आलोचनाएं उठीं, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है।
राहुल गांधी का तीखा आलोचना
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस AI समिट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर “disorganised PR spectacle” यानी बेहद अव्यवस्थित और केवल प्रचार-प्रसार का तमाशा कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मेलन में चीन के उत्पादों को भी भारतीय नवाचार के रूप में प्रमुखता से दिखाया जा रहा है, जो देश के हित में नहीं है और इसे वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी छवि को नुकसान पहुँचा सकता है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि इस विवाद से भारत हँसी का पात्र बन रहा है, और AI समिट का उद्देश्य तकनीकी नेतृत्व दिखाने का होना चाहिए था, न कि केवल प्रचार-प्रसार की तस्वीर।
शशि थरूर का संतुलित नजरिया
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस विवाद पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह समिट अपने व्यापक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए काफ़ी सफल रहा है, खासकर तब जब दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और नेताओं ने हिस्सा लिया। थरूर ने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन कुछ तकनीकी या संगठनीय चुनौतियों के बिना नहीं होता, और “कुछ गड़बड़ियाँ किसी भी बड़े इवेंट में हो सकती हैं।”
उन्होंने सम्मेलन की सराहना करते हुए यह भी कहा कि यह वैश्विक मंच AI के सामूहिक विकास और सहयोग के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है।
समग्र राजनीतिक संदर्भ
AI समिट को लेकर यह राजनीति इसके व्यापक राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और आलोचना के माहौल में आया है, जहाँ विपक्ष सरकार के तकनीकी एवं आयोजन कौशल की समीक्षा कर रहा है तो कुछ नेताओं का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका को सकारात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
सरकार की ओर से भी इस आयोजन के महत्त्व को कई अवसरों पर रेखांकित किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की AI क्षमताओं और स्वायत्त रणनीति पर ज़ोर दिया है।
