AI कंटेंट पर नए नियम लागू, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 3 घंटे में हटाने होंगे डीपफेक; AI जनरेटेड सामग्री पर लेबल अनिवार्य

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार कंटेंट और डीपफेक सामग्री पर सख्ती बढ़ाते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को शिकायत मिलने के बाद डीपफेक फोटो और वीडियो अधिकतम 3 घंटे के भीतर हटाने होंगे। इसके साथ ही AI से तैयार कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

🔹 क्या हैं नए नियम?

नए दिशानिर्देशों के अनुसार:

  • किसी भी डीपफेक फोटो या वीडियो की पहचान होने पर प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के भीतर उसे हटाना या ब्लॉक करना होगा।

  • AI द्वारा जनरेटेड टेक्स्ट, ऑडियो, वीडियो या इमेज पर स्पष्ट रूप से “AI Generated” या समकक्ष लेबल दिखाना अनिवार्य होगा।

  • नियमों का उल्लंघन करने पर प्लेटफॉर्म के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

  • शिकायत निवारण तंत्र को और तेज व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

🔹 क्यों जरूरी हुए ये नियम?

हाल के महीनों में डीपफेक वीडियो और AI-आधारित मॉर्फ्ड कंटेंट के मामले तेजी से बढ़े हैं। इससे व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, चुनावी प्रक्रिया और सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई गई थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही (Accountability) आवश्यक है, और लेबलिंग अनिवार्य करना उसी दिशा में एक कदम है।

🔹 प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी

सोशल मीडिया कंपनियों को अब:

  • स्वचालित मॉनिटरिंग टूल्स का उपयोग बढ़ाना होगा।

  • यूजर रिपोर्टिंग सिस्टम को प्रभावी बनाना होगा।

  • कंटेंट मॉडरेशन टीम की क्षमता बढ़ानी होगी।

🔹 यूजर्स पर क्या असर?

सामान्य यूजर्स के लिए AI कंटेंट की पहचान करना आसान होगा। साथ ही, किसी भी फर्जी या भ्रामक सामग्री के खिलाफ शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद रहेगी।

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