भारतमाला प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला
रायपुर–महासमुंद क्षेत्र में जमीन मुआवजा घोटाला; ED की कार्रवाई में 40 लाख नकद और डिजिटल सबूत बरामद
रायपुर।
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर–महासमुंद क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण को लेकर बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 लाख रुपये नकद के साथ महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जांच का दायरा और विस्तारित किया जाएगा।
मुआवजा वितरण में अनियमितताओं का आरोप
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान वास्तविक मालिकों के बजाय कुछ अन्य व्यक्तियों को मुआवजा राशि का लाभ पहुंचाया गया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
कई ठिकानों पर छापेमारी
ईडी की टीम ने रायपुर और महासमुंद क्षेत्र में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान नकदी के अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ सरकारी कर्मचारियों, बिचौलियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ईडी का मानना है कि यह घोटाला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार अन्य जिलों या परियोजनाओं से भी जुड़ सकते हैं।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल संबंधित विभागों और अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारत्माला परियोजना में सामने आया यह मामला भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।
