रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

 आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने भी दिखाया अदम्य साहस

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सेंध लेक में आयोजित भव्य एयर-शो बना आकर्षण का केंद्र

 तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल श्री रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और     असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण
एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।
गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन    
आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया।
आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी ‘क्रॉसओवर’ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
सारंग के कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया। आसमान से गूंजे इस उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण दर्शकों के लिए विशेष रूप से यादगार बन गया।
तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा, हेलीकॉप्टरों का अद्भुत तालमेल और देशभक्ति गीत की गूंज ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ एयर-शो का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप को निकट से देखने का अवसर प्रदान किया।
विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है। सारंग टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार 1500 हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित यह भव्य एयर-शो प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव और उत्साह का अवसर बना। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों ने राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित सांसदगण, विधायकगण, निगम-मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

राजनाथ सिंह ने नए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से की मुलाकात, सफल कार्यकाल की दी शुभकामनाएं 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बने आशुतोष दीक्षित, 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह; वायुसेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर रहेगा विशेष जोर नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारतीय वायुसेना के नवनियुक्त प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। इस दौरान रक्षा मंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई देते हुए उनके सफल और शानदार कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित एक उत्कृष्ट वायु योद्धा हैं और अपने प्रभावशाली नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना नई ऊंचाइयों को हासिल करेगी। 29वें वायुसेना प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का स्थान लिया, जो भारतीय वायुसेना में 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। करीब चार दशकों के सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशनल गतिविधियों, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और संयुक्त सैन्य अभियानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। 3,300 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव एयर चीफ मार्शल दीक्षित एक अनुभवी फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। उन्हें मिराज-2000, मिग विमानों के विभिन्न संस्करणों, जगुआर और परिवहन विमानों सहित कई तरह के विमानों को उड़ाने का 3,300 घंटे से अधिक का अनुभव है। भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जगुआर और मिग-27 विमानों के अपग्रेड कार्यक्रमों के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA Mk-I तेजस की प्रारंभिक और अंतिम ऑपरेशनल क्लीयरेंस प्रक्रियाओं में उनकी अहम भूमिका रही है। कई महत्वपूर्ण सैन्य पदों पर दे चुके हैं सेवाएं अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान आशुतोष दीक्षित ने मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी क्षेत्र के एक फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट और वायुसेना स्टेशन बीदर की कमान संभाली है। इसके अलावा वे सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर, डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ और सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वे वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। ‘VAYU’ विजन से तय होंगी वायुसेना की प्राथमिकताएं नए वायुसेना प्रमुख ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को ‘VAYU’ विजन के माध्यम से स्पष्ट किया। इसमें सतर्कता, आत्मनिर्भरता, युक्ति और एकजुट प्रयासों को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार, बदलती तकनीक और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के बीच भारतीय वायुसेना को लगातार अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा। वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को निर्धारित स्तर तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। जवानों और उनके परिवारों का कल्याण भी प्राथमिकता एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने वायुसेना के अधिकारियों, एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय वायुसेना हर परिस्थिति में सतर्क, तैयार और दृढ़ संकल्पित रहेगी। उनका कहना है कि वायुसेना का संकल्प लगातार आधुनिक बनना, अपनी परिचालन क्षमता को मजबूत करना और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहना है।